ईरान का दावा: जॉर्डन ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले में मदद की
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने आरोप लगाया है कि जॉर्डन ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले में मदद की। आईआरजीसी ने जॉर्डन के अल-अजराक एयरबेस पर हमले के दौरान कई अमेरिकी सैनिकों की मौत का दावा किया। अमेरिका ने इस पर जवाबी हवाई हमले शुरू किए हैं।

तेहरान, एजेंसी। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि जॉर्डन ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने में मदद की। साथ ही कहा कि कुछ लोगों ने उसे खुफिया जानकारी दी थी। अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने सोमवार को यह जानकारी दी। आईआरजीसी के अनुसार सीमा पार किए गए अभियान में जॉर्डन के अल-अजराक एयरबेस पर अमेरिकी सैनिकों के लिए बने 20 हैंगर नष्ट कर दिए गए और दर्जनों अमेरिकी सैनिक मारे गए। हालांकि, अमेरिकी सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 17 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे गए हैं। आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि उसकी बैलिस्टिक मिसाइलों ने अकाबा हवाईअड्डे पर तैनात अमेरिकी सी-17 परिवहन विमानों और पी-8 निगरानी विमानों को सीधे निशाना बनाया, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब अमेरिका ने सोमवार तड़के ईरान में हवाई हमलों की नई लहर शुरू की। इससे पहले पेंटागन ने कहा था कि अमेरिकी सैन्य अभियान का मुख्य निशाना आईआरजीसी है। यह कार्रवाई शुक्रवार को जॉर्डन में अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत के जवाब में की जा रही है।
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