अपटेड:::1 ::: ईरान पैकेज ::: ईरान ने बमों से खाड़ी देशों को दहलाया
फ्लैग :::: ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी और इराक में

दुबई, एजेंसी। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने शनिवार को खाड़ी देशों कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर भीषण बमबारी की। सऊदी अरब में भी तीन महीने बाद हमले का दावा किया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार तड़के बताया कि ईरान में लगातार सातवीं रात हमले किए गए। हमलों में निगरानी केंद्रों, सैन्य लॉजिस्टिक ढांचे, भूमिगत हथियार भंडारण केंद्रों और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया गया। इन हमलों में ईरान में तीन लोगों की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए। वहीं, ईरान ने कहा कि वह पुलों, बिजली प्रतिष्ठानों और अन्य बुनियादी ढांचे पर अमेरिकी हमलों का जवाब दे रहा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अमेरिका के सहयोगी देशों को और हमलों की चेतावनी दी। साथ ही कहा कि अमेरिकी सैन्य बर्बरता को रोकने के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय संस्था नहीं है। हमारे सामने इसके अलावा कोई रास्ता नहीं है कि जो तुम पर हमला करे, उसी तरह उस पर हमला करो। इस बीच कुवैत पर लगातार हमले हो रहे हैं। ईरानी हमले में एक जल संयंत्र को नुकसान पहुंचा, जबकि मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे के कारण कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का संचालन रोकना पड़ा। आईआरजीसी ने कहा कि उसने कुवैत स्थित कैंप अरिफजान में अमेरिकी सैन्य सहायता केंद्र पर हमला किया और अली अल-सलेम एयरबेस पर एक रडार केंद्र को नष्ट कर दिया। वहीं, कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने बाद में बताया कि उसके एक तेल प्रतिष्ठान को लगातार ईरानी हमलों में नुकसान पहुंचा। सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार हमले में भारी क्षति हुई और कुछ लोग घायल हुए।
करीब तीन माह बाद सऊदी पर हमला
ईरान ने करीब तीन महीने बाद पहली बार सऊदी अरब पर भी हमले किए। मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों के अनुसार, राजधानी रियाद के पूर्व में अल-खर्ज और लाल सागर तट पर स्थित यनबू में शुरुआती चेतावनी के सायरन बजाए गए। इनके अनुसार एक हमला अल-खर्ज स्थित प्रिंस सुल्तान एयरबेस को निशाना बनाकर किया गया, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। सऊदी सरकारी मीडिया ने चेतावनी जारी होने के कारणों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया।
ईरान के दावे
1. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार आईआरजीसी ने बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर भी हमला किया, जहां अमेरिकी लड़ाकू विमान तैनात थे। एक खुफिया डाटा केंद्र को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई है।
2. आईआरजीसी ने जॉर्डन के अल-अज्रक स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर शनिवार तड़के मिसाइल और ड्रोन हमले में कम से कम दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों और तीन अन्य विमानों को नष्ट करने का दावा किया।
3. कुवैत स्थित कैंप अरिफजान में अमेरिकी सैन्य सहायता केंद्र पर हमला किया और अली अल-सलेम एयरबेस पर एक रडार केंद्र को नष्ट कर दिया।
4. सऊदी में एक हमला अल-खर्ज स्थित प्रिंस सुल्तान एयरबेस को निशाना बनाकर किया गया, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। मीडिया ने चेतावनी जारी होने के कारणों का ब्योरा नहीं दिया।
अमेरिका के 13 सैनिक घायल
अमेरिकी सेना ने भी बताया कि उसके 13 और सैनिक घायल हुए हैं। इनमें 10 थल सैनिक और तीन नौसैनिक शामिल हैं। युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 14 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 427 के घायल होने की जानकारी दी गई है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार हालिया अमेरिकी हमलों में कम से कम 46 लोग मारे गए और 400 से अधिक घायल हुए हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार अमेरिका के हालिया हमलों में दर्जनों लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए हैं।
हमलों को लेकर गुटेरस चिंतित
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने संघर्ष बढ़ने पर चिंता जताई है। उनके प्रवक्ता के अनुसार गुटेरस ईरान और पूरे क्षेत्र में नागरिक बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों को लेकर विशेष रूप से चिंतित हैं।
बिजली और जल संयंत्र पर हमला
ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार अमेरिकी हवाई हमलों में दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत के एक बिजली और समुद्री जल संयंत्र को निशाना बनाया गया। हमले हॉर्मुज के तट पर स्थित बोंजी गांव में हुए। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि रातभर हुए हमलों में दो सुरंगों और एक पुल को नुकसान पहुंचा। इससे बंदर अब्बास की ओर जाने वाला प्रमुख राजमार्ग बाधित हो गया। बंदर अब्बास हॉर्मुज के सबसे संकरे हिस्से के पास स्थित ईरान का प्रमुख बंदरगाह है।
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