ईरान पैकेज: इजरायल के अड़े रहने से युद्ध के लंबा खिंचने के आसार
नोट: ईरान समझौते की मुख्य खबर के साथ ले सकते हैं विशेषज्ञों ने कहा,

नोट: ईरान समझौते की मुख्य खबर के साथ ले सकते हैं विशेषज्ञों ने कहा, लेबनान का मोर्चा डील को पटरी पर उतारने की बड़ी वजह हो सकती है
वाशिंगटन, एजेंसी। मध्य पूर्व में युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते को लेकर संदेह बना हुआ है। सबसे बड़ा मुद्दा इजरायल का है। विशेषज्ञों की माने तो इजरायल के अड़े रहने से युद्ध के लंबा खिंचने के आसार अधिक हैं।
लेबनान का मुद्दा बड़ी वजह
सेंटर फॉर स्ट्रेटजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुसार, लेबनान का मोर्चा इस डील को पटरी से उतारने की सबसे बड़ी वजह बन सकता है। ईरानी नेताओं का दावा था कि इस डील में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच लड़ाई रोकना भी शामिल है, लेकिन प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस दावे को खारिज कर दिया।
इस बात की संभावना कम है कि इजरायल दक्षिणी लेबनान के उन इलाकों से पीछे हटेगा जिन पर उसने कज्बा कर रखा है। राष्ट्रपति ट्रंप को लेबनान में सैन्य कार्रवाई खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर दबाव बनाने में काफी ताकत लगानी होगी, और इसकी सफलता की संभावना भी अनिश्चित है।
परमाणु मामले पर बातचीत मुश्किल
इसके अलावा, ईरान के परमाणु मामले पर तकनीकी बातचीत मुश्किल साबित होगी। पिछली बार ईरान और अमेरिका के बीच व्यापक परमाणु समझौता 2015 में हुआ था, जिसमें दो साल तक बातचीत चली थी। तेहरान ने अहम मांगों पर समझौता करने से इनकार करने का संकेत दिया है और वह समय खींचने की कोशिश करेगा, क्योंकि उसे पता है कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले राष्ट्रपति ट्रंप के सैन्य अभियान फिर से शुरू करने की संभावना कम है।
ट्रंप और नेतन्याहू ने जिन दो और मुद्दों के आधार पर युद्ध को सही ठहराया था, ईरान का क्षेत्रीय हथियारबंद प्रॉक्सी समूहों को समर्थन बंद करना और उसके मिसाइल प्रोग्राम पर रोक लगाना, उनके बारे में माना जा रहा है कि वे इन बातचीत के एजेंडे में शामिल नहीं हैं।
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हितों का टकराव
इजरायल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू शर्त लगाई थी कि ट्रंप के साथ संयुक्त हमले के बाद ईरान के धार्मिक शासक खत्म हो जाएंगे। देश में चुनावों से पहले उनकी स्थिति देश में मजबूत होगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। रिपोर्ट के अनुसार,नेतन्याहू ट्रंप के साथ टकराव की राह पर लगते दिख रहे हैं, क्योंकि ट्रंप खुद को वॉर से निकालने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका और इजरायल दोनों के लक्ष्य पूरे नहीं हुए हैं। हालांकि इजरायल सार्वजनिक रूप से अमेरिका को नाराज नहीं करना चाहता। लेकिन अंदरखाने में निराशा साफ दिखाई दे रही है।
अरब वीकली की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह समझौता इजरायल के बहुत बुरा है।
नेतन्याहू को राजनीतिक नुकसान की आशंका
नेतन्याहू को हाल ही में चुनाव का सामना करना है, उनके हारने की उम्मीद जताई जा रही है। इस वजह से वे ट्रंप की बात न मानने के लिए तैयार हो सकते हैं क्योंकि उनका सामना इजरायली जनता से है।
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