वेबिनार : पृथ्वी की गहराइयों से अंतरिक्षीय तकनीक तक पर हुआ मंथन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का समापन हुआ। वेबिनार का विषय 'अर्थ साइंसेज और नोवल मटेरियल्स के लिए प्रयोगात्मक तकनीकों का अंतरविषयक अध्ययन' था। इसमें क्लाइमेट चेंज, कार्बन कैप्चर, स्मार्ट नैनो मटेरियल्स आदि पर चर्चा की गई। 120 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिसमें कई देशों के प्रतिनिधि शामिल थे।

पृथ्वी की गहराइयों में छिपे रहस्यों से लेकर अंतरिक्ष तकनीक और भविष्य की स्मार्ट सामग्रियों तक विज्ञान के विविध आयामों पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का समापन सोमवार को हुआ। राष्ट्रीय प्रायोगिक खनिज विज्ञान एवं पेट्रोलॉजी केंद्र की ओर से आयोजित वेबिनार का विषय ‘एक्सप्लोरिंग द इंटरडिसिप्लिनरी हाराइजन्स ऑफ एक्सपेरिमेंटल टेक्निक्स फॉर अर्थ साइंसेज एंड नोवल मटेरियल्स’ रहा। वेबिनार में मैग्मा-मेल्ट गतिकी, स्मार्ट नैनो-मटेरियल्स, पॉलिमर इलेक्ट्रोलाइट्स, रिमोट सेंसिंग, कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन, वायुमंडलीय विज्ञान और उन्नत सूक्ष्म-विश्लेषणात्मक तकनीकों जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। भू-वैज्ञानिक कार्बन कैप्चर, डेक्कन ट्रैप्स ज्वालामुखीयता, इम्पैक्ट क्रेटरिंग, जलवायु परिवर्तन नियंत्रण और ऊर्जा संचयन भी चर्चा के प्रमुख विषय रहे।
कार्यक्रम में 120 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्याख्याताओं, प्रोफेसरों, वैज्ञानिकों और शोधार्थियों ने सहभागिता की। चेक गणराज्य, इथियोपिया, ईरान, मलेशिया, नाइजीरिया, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया, ताइवान और थाईलैंड समेत कई देशों के प्रतिनिधि जुड़े। इस अवसर पर प्रो. प्रियंवदा सिंह, डॉ. अमित कुमार, डॉ. मृगांक मौली द्विवेदी, डॉ. कमलेश पांडेय आदि मौजूद रहे।


