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कभी नरम, कभी गरम: US डिप्लोमेट के हाथ तक खींचे; जानें- हमास-इजरायल समझौते की पल-पल की इनसाइड स्टोरी

Israel-Hamas Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने PM नेतन्याहू को कई फोन कॉल किया और बंधकों के एक बड़े समूह को रिहा कराने का रास्ता सुझाया। 24 अक्टूबर को हमास समझौते पर सहमत होता दिखा।

कभी नरम, कभी गरम: US डिप्लोमेट के हाथ तक खींचे; जानें- हमास-इजरायल समझौते की पल-पल की इनसाइड स्टोरी
Pramod Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 22 Nov 2023 10:56 AM
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इजरायल-हमास युद्ध में आखिरकार सीजफायर और बंधकों की रिहाई पर दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है। सिर्फ इसका औपचारिक ऐलान होना बाकी है। उसके  कुछ ही घंटों बाद गाजा में गोलियों की तड़तड़ाहट, तोप के गरजने और फाइटर जेट के हमलों से होने वाले विस्फोट की आवाज थम जाएगी और डेढ़ महीने से ज्यादा वक्त के बाद इजरायली बंधकों की रिहाई शुरू हो जएगी। समझोते के मुताबिक, हर दिन 12-13 लोगों को रिहा किए जाने की संभावना है। 

तीन लोगों का अहम योगदान
50 इजरायली बंधकों की रिहाई में चार से पांच दिन लग सकते हैं। इस दौरान इजरायल गाजा पट्टी पर हमले नहीं करेगा लेकिन इस समझौते तक पहुंचना इतना आसान नहीं रहा। कतर की मध्य्थता में हो रही बैठक में ऐसे कई मौके आए, जब लगा कि समझौता नामुमकिन है लेकिन आखिरकार यह संभव हो गया। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी और मिडिल-ईस्ट में व्हाइट हाउस के कॉर्डिनेटर ब्रेट मैकगर्क का अहम योगदान रहा है।

तनावपूर्ण रही बैठकें
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, एक समय ऐसा भी आया जब, गाजा में हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए इजरायली कैबिनेट की बैठक भारी तनावपूर्ण दौर में पहुंच गई। जब तनावपूर्ण हालात में इस बैठक से ब्रेट मैकगर्क बाहर निकलने लगे तो इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सूझ-बूझ और कूटनीतिक परिचय देते हुए उनका हाथ अपनी तरफ खींच लिया।

इस समझौते से परिचित सूत्रों के हवाले से CNN ने लिखा है, नेतन्याहू ने एक सप्ताह पहले 14 नवंबर को तेल अवीव में व्हाइट हाउस के समन्वयक ब्रेट मैकगर्क से कहा, "हमें इस समझौते की सख्त आवश्यकता है।" रिपोर्ट में कहा गया है कि उसी दिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने फोन पर इसे लेकर सहमति जताई थी कि वे दोनों महिलाओं और बच्चों सेमत 50 इजरायली बंधकों की रिहाई के लिए हमास के समझौते की व्यापक रूपरेखा और शर्तों को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

12 नवंबर को हमास ने दिया अहम मोड़
इससे दो दिन पहले 12 नवंबर को समझौते की दिशा में बड़ी सफलता तब मिली थी, जब हमास कई दिनों तक इनकार करने के बाद, इजरायली बंधकों के बारे में विस्तृत जानकारी देने को राजी हो गया था। इससे पहले हमास कई दर्जन इजरायली बंधकों के बारे में उनकी उम्र, लिंग और राष्ट्रीयता जैसी पहचान संबंधी जानकारी देने से पीछे हट गया था। जब हमास ने जानकारी दी तो उससे पुष्टि हुई कि 7 अक्टूबर को अगवा कर लाए गए लोगों में 30 बच्चे, आठ माताएं और 12 अन्य महिलाएं भी हैं, जिनकी पहले दौर में रिहाई होनी है।

हालांकि, इजरायल और अमेरिका का मानना ​​​​है कि हमास के चंगुल में 50 से अधिक महिलाएँ और बच्चे बंधक बने हुए हैं। बावजूद इसके दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि फिलहाल 50 की रिहाई सुनिश्चित की जाए। अमेरिका और इजरायल को उम्मीद है कि यह समझौता हमास को 50 बंधकों की रिहाई के बाद और लोगों को रिहा करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।

बेपटरी होते-होते कैसे हुआ समझौता?
14 नवंबर को जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तेल अवीव में मैकगर्क के साथ कूटनीतिक साझेदारी की और हालात को संभाला तब उसके कुछ ही घंटों बाद, हमास ने वार्ता पर पानी फेर दिया और सब कुछ पिर से अंधकारमय हो गया। दरअसल, कतर के अमीर, जो मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं, ने हमास पर अपनी पकड़ खो दी।

हुआ ये था कि जब इजरायली सुरक्षा बल जब गाजा के अल शिफा अस्पताल में छापा मारने पहुंचे, तब हमास ने बातचीत को पटरी पर से उतारने की धमकी दे दी और समूह के वार्ताकार बैठक से यह कहते हुए निकल गए कि इजरायली फौज को अल-शिफा अस्पताल परिसर छोड़ना होगा। IDF ने ऐसा करने से मना कर दिया लेकिन अस्पताल को चालू रखने पर वह राजी हो गया।

बाइडेन ने कतर के अमीर को घुमाया फोन
CNN की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक बार जब फिर से वार्ता शुरू हुई, तब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन,जो सैन फ्रांसिस्को में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक शिखर सम्मेलन समाप्त कर चुके थे, ने कतर के अमीर को एक और फोन किया। बाइडेन ने फोन पर ही संदेश दिया कि समय समाप्त हो रहा है।  इस पर कतर के अमीर ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह समझौते के लिए हर संभव कोशिश करेंगे।

इसके अगले दिन, मैकगर्क ने समझौते के अंतिम मसौदे  की जांच करने के लिए दोहा में अमीर से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने करीब छह पन्नों के प्रस्ताव को बारीकी से देखा, जिसमें बताया गया था कि पहले चरण में महिलाएं और बच्चे कैसे निकलेंगे, साथ ही हमास को उसके बाद और अधिक बंधकों को रिहा करने के लिए प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। इस बैठक में सीआईए के निदेशक बिल बर्न्स को भी फोन लाइन पर लिया गया था।

इजरायल की युद्ध कैबिनेट ने पिछले रविवार को कुछ मामूली बदलावों के बाद उस समझौते को मंजूरी दे दी।  कतर के अमीर ने सोमवार को समझौते का ड्राफ्ट आखिरी बार हमास को दिया और स्पष्ट तौर पर कहा कि यह अंतिम प्रस्ताव है। मंगलवार की सुबह हमास ने उस पर हामी भर दी और बुधवार की अहले सुबह इजरायली कैबिनेट ने बहुमत से उसे मंजूर कर लिया। इस दौरान कतर के प्रधान मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने हमास के वरिष्ठ  नेता इस्माइल हनियेह के साथ कई दौर की सीधे बातचीत की। अमेरिका के NSA जैक सुलिवन और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी ने भी समझौते में बड़ी भूमिका निभाई है।

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