‘लोकायन 2026’ के तहत लिस्बन पहुंचा आईएनएस सुदर्शिनी

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नंबर गेम 07 महीने से समुद्री यात्रा पर है पोत क्रॉसर --दुनिया को दे

‘लोकायन 2026’ के तहत लिस्बन पहुंचा आईएनएस सुदर्शिनी

नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय नौसेना का पाल प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन पहुंचा। अपनी लंबी समुद्री यात्रा ‘लोकायन 2026’ के तहत नौसैनिक पोत टैगस नदी से होते हुए लिस्बन पहुंचा है और दुनिया को दोस्ती का संदेश दे रहा है। नौसेना के मुताबिक लिस्बन, आईएनएस सुदर्शिनी की सात महीने लंबी समुद्री यात्रा का 15वां बंदरगाह पड़ाव है। इतने लंबे समुद्री अभियान के दौरान यह पोत विभिन्न देशों के बंदरगाहों तक पहुंचकर भारत की समुद्री परंपरा, नौकायन कौशल और मित्रता का संदेश पहुंचा रहा है। आईएनएस सुदर्शिनी को देखकर समुद्री यात्रा की पुरानी परंपराओं की झलक भी मिलती है。

आधुनिक नौसैनिक तकनीक

आधुनिक नौसैनिक तकनीक के दौर में यह पोत प्रशिक्षु नौसैनिकों को समुद्र की परिस्थितियों को समझने, पारंपरिक नौकायन कौशल सीखने और चुनौतीपूर्ण समुद्री वातावरण में काम करने का व्यावहारिक अनुभव देता है। आईएनएस सुदर्शिनी की यह लिस्बन यात्रा काफी महत्वपूर्ण है। यह भारत और पुर्तगाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

पुर्तगाल के अधिकारियों से मिलेंगे नौसैनिक

इस यात्रा के दौरान पोत पर तैनात नौसैनिक अधिकारी, चालक दल और प्रशिक्षण ले रहे कैडेट यहां पुर्तगाली नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन तथा वहां रह रहे भारतीय समुदाय के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। पुर्तगाल की इस यात्रा में पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान किया जाएगा। दोनों नौसेनाओं के बीच जहाजों का पारस्परिक निरीक्षण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

आपसी समझ को बढ़ाना उद्देश्य

इसका उद्देश्य भारत-पुर्तगाल के नौसैनिकों के बीच आपसी समझ और सहयोग को बढ़ाना है। दरअसल ‘लोकायन 2026’ केवल एक प्रशिक्षण अभियान नहीं है, बल्कि इसके जरिए भारत दुनिया के विभिन्न देशों के साथ मित्रता, सहयोग और सौहार्द के रिश्तों को मजबूत करने का संदेश भी दे रहा है। लिस्बन में आईएनएस सुदर्शिनी की मौजूदगी भारत और पुर्तगाल के बीच समुद्री संपर्क की ऐतिहासिक विरासत को भी रेखांकित करती है।

प्रश्नोत्तर

✦आईएनएस सुदर्शिनी किस समुद्री यात्रा के तहत लिस्बन पहुंचा?−
आईएनएस सुदर्शिनी 'लोकायन 2026' के तहत लिस्बन पहुंचा।
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