रूस में फंसा छात्र को जबरन सेना में भर्ती करने का आरोप
विदेशों में उच्च शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य का सपना देखने वाले भारतीय युवाओं के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि ट्रैवल एजेंट के माध्यम से रूस भेजे गए बच्चों को वहां के स्थानीय संपर्कों ने जबरन सेना में भर्ती कर लिया। परिजन बच्चों की सुरक्षित वापसी की गुहार लगा रहे हैं।

विदेशों में बेहतर शिक्षा और सुनहरे भविष्य का सपना देखकर गए भारतीय युवाओं के साथ धोखाधड़ी और जबरन सेना में भर्ती किए जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। क्षेत्र के पीड़ित परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनके बच्चों को लाखों रुपये खर्च करके रूस में पढ़ाई के लिए भेजा गया था। लेकिन वहां उनके पासपोर्ट जब्त कर जबरन रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से अपने बच्चों की सुरक्षित वतन वापसी की गुहार लगाई है। पीड़ित परिजनों ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और उच्च शिक्षा के लिए खून-पसीने की कमाई और कर्ज लेकर लाखों रुपये जुटाए थे।
एक ट्रैवल एजेंट के माध्यम से बच्चों को रूस पढ़ाई के लिए भेजा गया था। आरोप है कि रूस पहुँचने के कुछ ही समय बाद वहां के स्थानीय संपर्कों और एजेंटों द्वारा बच्चों के पासपोर्ट और महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए गए। इसके बाद उन्हें धोखा देकर और दबाव बनाकर अग्रिम मोर्चे पर सेना में शामिल होने के लिए मजबूर कर दिया गया।


