रूस में भारतीय इंजीनियर हिरासत में, सेना में भर्ती का दबाव
एक भारतीय महिला ने आरोप लगाया कि रूस की पुलिस ने उसके पति चंदन गुप्ता को हिरासत में लिया और रूसी सेना में शामिल होने का दबाव बनाया। स्नेहा गुप्ता ने अपनी परेशानी साझा करते हुए भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई। भारतीय दूतावास इस मामले में संपर्क में है।

एक भारतीय महिला ने आरोप लगाया कि रूस की पुलिस ने मॉस्को में उसके पति को हिरासत में लिया और उस पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव बनाया। इस मामले के बाद भारतीय दूतावास ने उसके पति से मुलाकात की अनुमति मांगी है। स्नेहा गुप्ता ने छह सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए ये आरोप लगाए। उन्होंने अपने पति की पहचान चंदन गुप्ता के रूप में की। चंदन कानपुर के रहने वाले इंजीनियर हैं। स्नेहा ने बताया कि दोनों मॉस्को में रह रहे हैं। उनके पति को ‘हाईली क्वालिफाइड स्पेशलिस्ट’ वीजा मिला हुआ था। यह वीजा उन्हें नोएडा की एक कंपनी के जरिए मिला था, जिसमें वह काम करते थे。
पति ने नहीं किया कोई गलत काम
गुप्ता ने आरोप लगाया कि रूसी पुलिस ने रविवार रात उनके पति को हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि उनके पति ने कोई गलत काम नहीं किया था, फिर भी उन्हें हिरासत में रखा गया। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि हिरासत में उनके पति पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा था। रूसी सेना में जवानों की कमी के कारण विदेशी नागरिकों को भी सेना में भर्ती करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी।
स्थानीय भाषा नहीं आने से हो रही परेशानी
अपने वीडियो संदेश में गुप्ता ने बताया कि उनका 10 साल का बेटा है। उन्होंने कहा कि वह बहुत परेशान हैं, क्योंकि उन्हें स्थानीय भाषा नहीं आती और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि इस स्थिति से कैसे निपटें। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। उन्होंने अपने पति की रिहाई और उनकी सुरक्षित भारत वापसी में मदद करने की मांग की।
अधिकारियों के संपर्क में भारतीय दूतावास
रूस में भारतीय दूतावास ने बताया कि वह इस मामले में गुप्ता और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हमने एक भारतीय नागरिक की सोशल मीडिया पोस्ट देखी है, जिसमें उसने अपने पति के बारे में जानकारी दी है। हम इस मामले में उसके और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं। कानून लागू करने वाली एजेंसियों के अनुसार, यह एक कानूनी मामला है और वे इसकी जांच कर रहे हैं।
रूस से भारतीयों को वापस लाने की कोशिश में सरकार
यह मामला ऐसे समय सामने आया जब भारत सरकार रूस की सेना में भर्ती किए गए अपने नागरिकों को वहां से निकालने और उन्हें भारत वापस लाने की लगातार कोशिश कर रही है। पिछले सप्ताह विदेश मंत्रालय ने बताया था कि 227 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में भर्ती किया गया था। इनमें से 139 लोगों को सेना से छुट्टी दिलाई जा चुकी है, जबकि 51 लोगों की मौत हो चुकी है। रूस में अभी भी मौजूद बाकी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द सेना से छुट्टी दिलाने और उन्हें भारत वापस लाने के लिए भारत लगातार रूस के संपर्क में है।


