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ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के छात्र पर बर्बर हमला, कोमा में मौत से लड़ रहा जंग

रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित छात्र की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, मगर उसकी उम्र 20 साल के आसपास बताई जा रही है। यह स्टूडेंट तस्मानिया यूनिवर्सिटी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहा है।

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के छात्र पर बर्बर हमला, कोमा में मौत से लड़ रहा जंग
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,केनबराSat, 25 Nov 2023 11:10 PM
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ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के छात्र पर हमला हुआ जिसके बाद से वह कोमा में है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है और उस पर आपराधिक हमले का आरोप लगा है। पीड़ित छात्र की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, मगर उसकी उम्र 20 साल के आसपास बताई जा रही है। यह स्टूडेंट तस्मानिया यूनिवर्सिटी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहा है। सिडनी स्थित स्पेशल ब्रॉडकास्टिंग सर्विस ने बताया कि यह घटना 5 नवंबर है जो तस्मानिया के कैंपस में ही हुई थी। हमले की वजह से पीड़ित को 'एक्सट्राड्यूरल ब्लीडिंग' हुई, जिसके कारण उसके मस्तिष्क को काफी नुकसान पहुंचा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में गहरी चोट लगने से पीड़ित छात्र का दाहिना फेफड़ा खराब हो गया। उसके मस्तिष्क की सर्जरी करनी पड़ी, जो कई घंटों तक चली। इस मामले में बेंजामिन डॉज कोलिंग्स नाम के शख्स को पुलिस हिरासत में लिया गया है। यह 25 वर्षीय शख्स लेना घाटी का रहने वाला है। उस पर क्रिमिनल कोड असॉल्ट का आरोप लगा है। इसमें अपराध साबित होने पर अधिकतम 21 साल की जेल की सजा हो सकती है। हालांकि, कोलिंग्स को मजिस्ट्रेट की ओर से जमानत मिल चुकी है। अब 4 दिसंबर को अदालत में आकर उसे आरोपों का जवाब देना है। उस पर मारपीट करने, गलत पता व नाम बताने, पुलिस अधिकारी का विरोध करने और ड्राइविंग ऑफेंस के आरोप लगे हैं।

'पीड़ित के परिवार के साथ लगातार संपर्क'
तस्मानिया यूनिवर्सिटी के मीडिया निदेशक बेन वाइल्ड ने कहा कि संस्थान को घटना की जानकारी है। उनसे सवाल पूछा गया कि विश्वविद्यालय ने इस कठिन समय में छात्र की मदद के लिए क्या कदम उठाए हैं? इसके जवाब में बेन वाइल्ड ने कहा कि वे पीड़ित के परिवार के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में केस मैनेजर नियुक्ति किया गया है और परिजनों की सुविधा के लिए ट्रांसलेटर की व्यवस्था की गई है। मीडिया डायरेक्टर ने कहा, 'यह मामला अभी कोर्ट सिस्टम से गुजर रहा है। इसलिए इसे लेकर हम बहुत ज्यादा नहीं बोल सकते हैं।' 

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