चीन में फंसे यश से मिले काउंसलेट
चीन के शंघाई स्थित डिटेंशन सेंटर में बंद यश सिंह से भारतीय काउंसलेट की टीम ने मुलाकात की। यश एक अमेरिकी शिपिंग कंपनी में काम करता है और 28 फरवरी को विवाद के बाद गिरफ्तार किया गया। काउंसलेट ने स्थिति की जानकारी दी, जिसमें कहा गया कि यश ठीक है और उसे भोजन मिल रहा है।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। चीन के शंघाई स्थित डिटेंशन सेंटर में बंद मझौली खेतल निवासी यश सिंह से भारतीय काउंसलेट की टीम ने मुलाकात की है। प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव के बाद चीन स्थित भारतीय काउंसलेट सक्रिय हुआ और उसने यश की स्थिति की जानकारी उसकी मां सीमा सिंह को दी।
यश का कार्य और गिरफ्तारी
यश सिंह एक अमेरिकी शिपिंग कंपनी में कार्यरत है। 28 फरवरी को शंघाई में उसका किसी स्थानीय व्यक्ति से विवाद हो गया था। इसके बाद शंघाई पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर डिटेंशन सेंटर में डाल दिया था। तब से वह एक मार्च से वहां बंद है। काउंसलेट के अधिकारियों ने मुलाकात के बाद यश की मां को बताया कि वह बेहतर स्थिति में है। काउंसलेट के जरिए यश ने मां को संदेश भेजा है, जिसमें कहा है कि कोई परेशानी नहीं है। समय से खाना मिलता है, टीवी देखने को मिलता है और बाकी समय पढ़ाई करता हूं। शिपिंग कंपनी से उसने कुछ किताबें मांगी थीं। डिमांड के अनुसार उसे किताबें भी मुहैया करा दी गई हैं। कंपनी ने यश के केस की पैरवी के लिए शंघाई के एक वकील को रखा है। चीन सरकार की ओर से इस मामले में बड़ी राशि जुर्माना लगाया गया है, जिसे कंपनी ही चुका रही है। कंपनी के अधिकारियों ने सीमा सिंह को आश्वस्त किया है कि जल्द ही यश को मुक्त कराकर वापस लाया जाएगा। कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद ही उसकी रिहाई संभव हो पाएगी।
सीमा सिंह का सहयोग
बेटे की स्थिति की जानकारी मिलने से राहत
सीमा सिंह ने बताया कि बेटे की स्थिति की जानकारी मिलने से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन जब तक वह मुक्त होकर घर नहीं आ जाता, चिंता बनी रहेगी। उन्होंने इस संकट की घड़ी में कंपनी के सहयोग के लिए आभार जताया। सीमा सिंह की पहल पर सरकार के स्तर से भी मामला उठाया गया। इस बीच चीन के राजदूत से भी इस मुद्दे पर बात की गई है। प्रशासन के लगातार प्रयास के बाद अब काउंसलेट सक्रिय हुआ है और नियमित रूप से यश से मुलाकात कर रिपोर्ट भेज रहा है। परिवार और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही यश जल्द भारत लौट आएगा।


