विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पोलैंड में भारतीय शासकों को श्रद्धांजलि दी
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वारसॉ में पोलिश शरणार्थियों के सम्मान में दो स्मारकों का दौरा किया। पहला स्मारक महाराजा दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जडेजा की याद में है, जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1000 बच्चों को आश्रय दिया। दूसरा स्मारक महाराष्ट्र के कोल्हापुर राजपरिवार द्वारा 5000 शरणार्थियों को शरण देने के लिए बनाया गया है।

वारसॉ, एजेंसी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को पोलैंड की राजधानी वारसॉ में दो स्मारकों का दौरा किया। ये स्मारक दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पोलिश शरणार्थियों को आश्रय देने वाले भारतीय शासकों की याद में बनाए गए हैं। जयशंकर ने शनिवार को किंगा गजेव्स्का और ओचोटा के मेयर प्योत्र क्रास्नोडेब्स्की के साथ गुजरात के नवानगर के महाराजा दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जडेजा की याद में बने स्मारक ‘स्क्वायर ऑफ द गुड महाराजा’ पर गए। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान महाराजा ने पोलैंड से भागकर आए 1000 बच्चों का स्वागत करते हुए कहा था, ‘मैं बापू हूं, सभी नवानगरियों का पिता, जिसमें आप लोग भी शामिल हैं।’
जयशंकर ने लिखा, ‘महाराजा जडेजा को पोलैंड में प्यार से याद किया जाता है और उनका अपनापन और दयालुता भारत और पोलैंड के बीच एक स्थायी पुल बनी हुई है।’इसके बाद उन्होंने वारसॉ में ही कोल्हापुर स्मारक पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह स्मारक महाराष्ट्र के कोल्हापुर राजपरिवार द्वारा पोलैंड के 5000 शरणार्थियों को वालिवडे गांव में शरण देने की याद में बना है। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, ‘भारतीय उदारता का यह काम पोलिश लोगों की यादों में आज भी ताजा है।’


