मॉस्को पुलिस ने जबरन दस्तखत कराए, मुकदमों में फंसाने की धमकी दी
कानपुर के चंदन और स्नेहा ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने उनकी मदद की और पुलिस ने जबरन हस्ताक्षर करवाए। कोर्ट ने मामले को समझते हुए चंदन को छोड़ने का आदेश दिया। बुधवार को उनकी फ्लाइट दिल्ली से कानपुर आई। एडवोकेट स्नेहा ने प्रकरण पर वीडियो वायरल किया, जिसमें उन्होंने पुलिस के गलत आरोपों का विरोध किया।

कानपुर। चंदन और स्नेहा के मुताबिक कंपनी ने बड़ी मदद की। वकील और दुभाषिया की व्यवस्था की। जब पुलिस पर थोड़ा दबाव बना तो उन्होंने जबरन एक कागज पर हस्ताक्षर करवाए। न करने की सूरत में 5-6 मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। कोर्ट में पेश किया। जज ने मामला समझ लिया। उन्होंने कागज देखकर चंदन से पूछा कि उसे मालूम है कि इसमें क्या लिखा है। जवाब मिला कि रूसी भाषा नहीं आती। पुलिस ने जबरन कराया है। जज ने पुलिस को बहुत डांट लगाई और फिर चंदन को छोड़ने के आदेश दिए। प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर कराए तब छोड़ा
पुलिस द्वारा धमकी
स्नेहा कहती है पुलिस ने एक प्रोटोकॉल पर भी धमकी देकर हस्ताक्षर कराए। जिसमें लिखा था कि मैं जानता हूं कि मैने उल्लंघन किया है और दोबारा ऐसा नहीं करूंगा। तब सोमवार को दोनों को पुलिस ने छोड़ा। इसके बाद चंदन और स्नेहा ने बुधवार रात नौ बजे मॉस्को से दिल्ली की फ्लाइट ली और गुरुवार को वो दिल्ली से बाई रोड कानपुर आ गए हैं। चंदन का परिवार बेटे को सामने देखकर राहत महसूस कर रहा है। चंदन के मुताबिक अब वो दोबारा रूस नहीं जाएंगे।
एडवोकेट का विरोध
एडवोकेट स्नेहा गुप्ता ने इस पूरे प्रकरण को लेकर एक वीडियो इंस्टाग्राम के जरिए वायरल किया। उनका कहना है कि वीडियो को डिलीट करने के लिए दबाव बनाया गया। उनके पति को नशे की हालत में एम्बुलेंस पर पथराव करने का आरोपी बताया गया। यह सब गलत था।
शादी की कहानी
स्नेहा गुप्ता और चंदन गुप्ता ने एक दूसरे से मैरिज साइट के जरिए मिले थे। स्नेहा के मुताबिक फिर दोनों के परिवार मिले और तब सारी बातचीत होने के बाद सन 2014 में शादी हुई थी। स्नेहा ने बताया कि चंदन ने बीटेक के बाद दिल्ली से एमटेक की पढ़ाई पूरी की और वर्तमान में वो एमबीए फाइनल इयर पूरा करने वाले हैं। इधर स्नेहा ने एडवोकेट की पढ़ाई पूरी करने के साथ ही लखनऊ यूनिवर्सिटी से बीएड की पढ़ाई भी पूरी की है। वो कहती है कि सन 2014 में चंदन दुबई में नौकरी करते थे। उसके बाद वो अहमदाबाद आए। फिर सन 2021 में रूस और सन 2022 की शुरुआत में नासिक में नौकरी की। इसके बाद 2022 में ही दोबारा रूस पहुंचे और कम्पनी में डीजीएम के तौर पर कार्य शुरू किया था। हाई क्वालीफाइड वीजा पर परिवार गया था।
विदेश मंत्रालय की पूछताछ
सोमवार को जब चंदन को मॉस्को में पुलिस ने छोड़ा उसके एक घंटे बाद ही विदेश मंत्रालय के अधिकारी चंदन के कानपुर स्थित घर पर पहुंच गए। चंदन के मुताबिक अधिकारियों ने उनके पिता से बातचीत कर पूरी डीटेल हासिल कर ली इसके बाद वो चले गए।


