विदेश ::: बीजिंग में चीनी जुड़वां बहनों ने किया भरतनाट्यम अरंगेत्रम
बीजिंग में भारतीय शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम का अरंगेत्रम 16 वर्षीय जुड़वां बहनों जिन यानशु और जिन यानाई द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति में दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाली जटिल मुद्राएं और ताल शामिल थीं। कार्यक्रम में भारतीय राजदूत विक्रम दोराईस्वामी भी उपस्थित थे। दोनों बहनों ने तीन साल की उम्र से भरतनाट्यम सीखा।

बीजिंग, एजेंसी। भारतीय शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम ने एक बार फिर देश की सीमाओं से परे अपनी सांस्कृतिक छाप छोड़ी है। चीन की 16 वर्षीय जुड़वां बहनों जिन यानशु और जिन यानाई ने शनिवार को बीजिंग में भरतनाट्यम का अरंगेत्रम प्रस्तुत किया। उनकी शानदार प्रस्तुति ने वहां मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह कार्यक्रम भारतीय राजदूत विक्रम दोराईस्वामी और उनकी पत्नी संगीता दोराईस्वामी की मौजूदगी में आयोजित हुआ। दोनों बहनों ने भरतनाट्यम की जटिल मुद्राओं, ताल और संगीत के साथ अपनी प्रस्तुति दी।जिन बहनों ने महज तीन साल की उम्र से भरतनाट्यम सीखना शुरू किया था। उन्होंने चीन की प्रसिद्ध भरतनाट्यम शिक्षिका जिन शानशान से प्रशिक्षण लिया है।
शानशान, प्रसिद्ध नृत्यांगना लीला सैमसन की शिष्या हैं और बीजिंग में ‘संगीतम इंडियन आर्ट्स स्कूल’ चलाती हैं। भरतनाट्यम में अरंगेत्रम किसी कलाकार की प्रशिक्षण यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। इसका शाब्दिक अर्थ ‘मंच पर चढ़ना’ है। यह वह अवसर होता है जब लंबे समय तक प्रशिक्षण लेने के बाद नर्तक पहली बार बड़े स्तर पर अपनी कला का औपचारिक प्रदर्शन करता है।


