भारत ने स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने के लिए बड़े सुधार किए : नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने चंडीगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए भारत की जन केंद्रित नीतियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संक्रामक और गैर-संचारी रोगों के बढ़ते जोखिम को ध्यान में रखते हुए वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग को सुदृढ़ करना आवश्यक है। बैठक में नौ प्राथमिकता क्षेत्रों पर सहमति बनी।

चंडीगढ़ में हुई बैठक को वर्चुअली संबोधित किया चंडीगढ़, एजेंसी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि भारत ने लोगों पर केंद्रित नीति और बेहतर सेवा के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़े बदलाव वाले सुधार किए हैं। 16वीं ब्रिक्स की बैठक में स्वास्थ्य मंत्रियों को वर्चुअली संबोधित करते हुए उन्होंने ब्रिक्स के सदस्य और सहयोगी देशों के स्वास्थ्य मंत्री, प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारियों का चंडीगढ़ में स्वागत किया। इसके साथ ही भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जन केंद्रित नीतियों, डिजिटल सेवाओं की व्यापक पहुंच के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में परिवर्तनकारी सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत का अनुभव यह दर्शाता है कि मजबूत और समान स्वास्थ्य व्यवस्था ही सतत विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि संक्रामक, गैर-संचारी रोगों का बढ़ता बोझ, जलवायु परिवर्तन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम और तेजी से बदलती प्रौद्योगिकी वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सहयोग को और मजबूत बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का उद्देश्य केवल रोगों का उपचार नहीं, बल्कि उनकी रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है。
इन क्षेत्रों पर बनी सहमति
बैठक में भारत की ओर से प्रस्तावित नौ क्षेत्रों में सदस्य देशों के बीच व्यापक सहमति बनी। इनमें टीबी उन्मूलन की दिशा में ब्रिक्स टीबी रिसर्च नेटवर्क मजबूत करना, चिकित्सा उत्पादों के नियामकीय सहयोग को बढ़ाना, भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थिति के लिए ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम के उप-कार्य समूह के गठन और डिजिटल स्वास्थ्य सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई है।
उन्होंने कहा कि संक्रामक और गैर-संचारी रोगों का बढ़ता बोझ, जलवायु परिवर्तन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम तथा तेजी से बदलती प्रौद्योगिकी वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सहयोग को और मजबूत बनाने की मांग करते हैं। उन्होंने भारतीय दर्शन “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वास्थ्य का उद्देश्य केवल रोगों का उपचार नहीं, बल्कि उनकी रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।
बैठक में सहमति
बैठक में भारत द्वारा प्रस्तावित नौ प्राथमिकता क्षेत्रों पर सदस्य देशों के बीच व्यापक सहमति बनी। टीबी उन्मूलन की दिशा में ब्रिक्स टीबी रिसर्च नेटवर्क को मजबूत करने, चिकित्सा उत्पादों के नियामकीय सहयोग को बढ़ाने, भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम के उप-कार्य समूह के गठन तथा डिजिटल स्वास्थ्य सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई।


