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भारत, दुनिया में सल्फर डाइऑक्साइड का सबसे बड़ा उत्सर्जनकर्ता: ग्रीनपीस

एजेंसी,नई दिल्लीRakesh
Tue, 20 Aug 2019 10:41 PM
भारत, दुनिया में सल्फर डाइऑक्साइड का सबसे बड़ा उत्सर्जनकर्ता: ग्रीनपीस

भारत, दुनिया में मानवजनित सल्फर डाइऑक्साइड का सबसे बड़ा उत्सर्जनकर्ता है, जो कोयला जलाने से उत्पन्न होता है और वायु प्रदूषण में इसकी हिस्सेदारी बहुत अधिक होती है। सोमवार को प्रकाशित एक अध्ययन में यह दावा किया गया। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े एनजीओ ग्रीनपीस द्वारा सोमवार को जारी किए गए नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के आंकड़ों के एक विश्लेषण के अनुसार, ओएमआई (ओजोन मॉनिटरिंग इंस्ट्रूमेंट) उपग्रह द्वारा पता लगाए गए दुनिया के सभी मानवजनित सल्फर डाइऑक्साइड (एसओ2) उत्सर्जन के हॉटस्पॉट की तुलना में भारत में 15 प्रतिशत अधिक है।

भारत में प्रमुख एसओ2 उत्सर्जन हॉटस्पॉट मध्य प्रदेश के सिंगरौली, तमिलनाडु के नेवेली और चेन्नई, ओडिशा के तालचेर और झारसुगुड़ा, छत्तीसगढ़ के कोरबा, गुजरात के कच्छ, तेलंगाना के रामागुंडम और महाराष्ट्र में चंद्रपुर और कोराडी हैं। विश्लेषण के अनुसार, भारत में अधिकतर संयंत्रों में वायु प्रदूषण कम करने के लिए फ्लु-गैस डिसल्फराइजेशन तकनीक का अभाव है।

नासा के आंकड़ों में दुनिया भर के अन्य हॉटस्पॉटों पर भी प्रकाश डाला गया है। रूस का नोरिल्स्क स्मेल्टर कॉम्प्लेक्स दुनिया में एसओ2 उत्सर्जन का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट है, जिसके बाद दक्षिण अफ्रीका के म्पुमलांगा प्रांत का क्रिएल और ईरान का जागरोज हैं। विश्व रैंकिंग के अनुसार, एसओ2 का उत्सर्जन करने में भारत शीर्ष स्थान पर इसलिए है क्योंकि यहां एसओ2 उत्सर्जन के सबसे अधिक हॉटस्पॉट हैं।

पर्यावरण विशेषज्ञों ने कोयला बिजली संयंत्रों पर सख्त कार्रवाई का आह्वान किया है। उनका कहना कि इन संयंत्रों को देश में प्रदूषण फैलाते रहने और आपात स्थिति पैदा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ग्रीनपीस की एक वरिष्ठ अभियान संचालक पुजारिनी सेन ने कहा, ''हम एक वायु प्रदूषण आपातकाल का सामना कर रहे हैं और अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि दिल्ली और देश भर में बिजली संयंत्र प्रदूषण की सीमा के दायरे में आने के निर्देश का पालन विस्तारित समय सीमा के भीतर करेंगे।" रिपोर्ट में कहा गया कि वायु प्रदूषण में एसओ2 उत्सर्जन का महत्वपूर्ण योगदान है। वायुमंडल में एसओ2 का सबसे बड़ा स्रोत बिजली संयंत्रों और अन्य औद्योगिक इकायों में जीवाश्म ईंधनों का जलना है।

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