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ओमिक्रॉन से लड़ने के लिए आगे आया भारत, अफ्रीकी देशों को मदद की पेशकश

हिन्दुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीGaurav Kala
Mon, 29 Nov 2021 11:00 PM
ओमिक्रॉन से लड़ने के लिए आगे आया भारत, अफ्रीकी देशों को मदद की पेशकश

भारत ने सोमवार को अफ्रीकी देशों को कोरोनावायरस के नए ओमिक्रॉन वेरिएंट से लड़ने के लिए कोरोना वैक्सीन, दवाएं, टेस्ट किट और चिकित्सा उपकरण की आपूर्ति करने की पेशकश की है। ओमिक्रॉन वेरिएंट के आने से दुनियाभर के देश दहशत में है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ओमिक्रॉन को "चिंता का एक प्रकार" कह चुका है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि 30 से ज्यादा म्यूटेंट के कारण ये वेरिएंट डेल्टा और डेल्टा प्लस से ज्यादा संक्रामक है।

सोमवार को भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "भारत सरकार ओमिक्रॉन वेरिएंट से निपटने में अफ्रीका में प्रभावित देशों की मदद करने के लिए तैयार है। भारत प्रभावित देशों को भारत में बनीं कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति करना चाहता है। बता दें कि भारत की स्वदेशी कोवैक्सीन को डब्ल्यूएचओ मान्यता दे चुका है। बयान में कहा गया है, "भारत आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं, परीक्षण किट, दस्ताने, पीपीई किट और वेंटिलेटर जैसे चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति के लिए भी तैयार है।"

विदेश मंत्रालय ने कहा, "भारतीय संस्थान अफ्रीकी समकक्षों के साथ "जीनोमिक निगरानी और वायरस लक्षण वर्णन संबंधी अनुसंधान कार्य में सहयोग पर अनुकूल रूप से विचार करेंगे"। बयान में कहा गया है कि भारत सरकार ने मलावी, इथियोपिया, जाम्बिया, मोजाम्बिक, गिनी और लेसोथो जैसे अफ्रीकी देशों सहित कोविशील्ड वैक्सीन की आपूर्ति के लिए कोवैक्स द्वारा अब तक दिए गए सभी आदेशों को मंजूरी दे दी है।

बयान के अनुसार, सरकार ने बोत्सवाना को कोवैक्सीन की आपूर्ति को भी मंजूरी दे दी है और द्विपक्षीय रूप से या कोवैक्स के माध्यम से किसी भी नई आवश्यकता पर तेजी से विचार किया जाएगा। भारत ने उन अफ्रीकी देशों को मदद का हाथ बढ़ाया है जो कोरोना के नए ओमिक्रॉन वेरिएंट से जूझ रहे हैं। 

बता दें कि भारत ने अब तक अफ्रीका के 41 देशों को भारत में निर्मित टीकों की 25 मिलियन से अधिक खुराक की आपूर्ति की है। जिसमें 16 देशों को अनुदान के रूप में लगभग एक मिलियन खुराक और 33 देशों को COVAX सुविधा के तहत 16 मिलियन से अधिक खुराक शामिल हैं। गौरतलब है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट का पहला मामला दक्षिण अफ्रीका में पता चला था। 

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