भारत-न्यूजीलैंड राउंड टेबल चर्चा में सीईपीसी की सहभागिता

हिन्दुस्तान, भदोही
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भारत टेक्स 2026 के दौरान भारत-न्यूज़ीलैंड की उच्च स्तरीय चर्चा में, सीईपीसी ने न्यूज़ीलैंड ऊन की उपलब्धता और कीमतों से उत्पन्न समस्याओं पर जोर दिया। चर्चा में द्विपक्षीय व्यापार और औद्योगिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उपायों पर विचार हुआ।

भारत-न्यूजीलैंड राउंड टेबल चर्चा में सीईपीसी की सहभागिता

भदोही, संवाददाता। कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (सीईपीसी) ने भारत टेक्स 2026 के दूसरे दिन आयोजित भारत-न्यूज़ीलैंड उच्च स्तरीय राउंडटेबल चर्चा में भाग लिया। यह आयोजन 14 से शुरू हुआ है जो 17 जुलाई तक चलेगा जो भारत मंडपम नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। भारत मंडपम में संपन्न हुई इस बैठक में दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार एवं औद्योगिक सहयोग को और सुदृढ़ बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

न्यूज़ीलैंड प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व

न्यूज़ीलैंड के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मार्क पैटरसन, ग्रामीण समुदायों के मंत्री एवं कृषि के एसोसिएट मंत्री ने किया। चर्चा में न्यूज़ीलैंड में बढ़ती उत्पादन लागत का द्विपक्षीय व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव पर विचार-विमर्श किया गया तथा उद्योग के लिए अधिक अवसर सृजित करने को वर्तमान व्यापार समझौतों का प्रभावी उपयोग करने के उपायों पर चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, वस्त्र मूल्य श्रृंखला में सहयोग बढ़ाने तथा दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के विभिन्न आयामों पर भी विचार किया गया।

सीईपीसी का प्रतिनिधिमंडल

सीईपीसी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कैप्टन मुकेश गोम्बर, अध्यक्ष ने किया। प्रतिनिधिमंडल में असलम महबूब, उपाध्यक्ष, डॉ. स्मिता नागरकोटी, कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक तथा प्रमुख निर्यातक ज़फ़र इक़बाल अंसारी, ईस्टर्न मिल्स एवं कैप्टन विजेंद्र जगलान, हेरिटेज ओवरसीज़ शामिल थे। राउंडटेबल चर्चा में सीईपीसी ने भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग के समक्ष न्यूज़ीलैंड ऊन की उपलब्धता एवं खरीद से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। परिषद ने अवगत कराया कि न्यूज़ीलैंड ऊन की कीमतों में लगातार वृद्धि से भारतीय कालीन निर्माताओं की उत्पादन लागत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जिससे वैश्विक बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हो रही है। सीईपीसी ने यह भी रेखांकित किया कि न्यूज़ीलैंड ऊन की सीमित उपलब्धता निर्यातकों के लिए निर्बाध उत्पादन बनाए रखने तथा अंतरराष्ट्रीय मांग की समयबद्ध पूर्ति करने में एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। परिषद ने इस बात पर भी बल दिया कि उच्च गुणवत्ता वाली न्यूज़ीलैंड ऊन की उपलब्धता बढ़ने से भारतीय निर्माता अधिक मूल्यवर्धित एवं उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले कालीनों का उत्पादन कर सकेंगे तथा वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं को और बेहतर ढंग से पूरा कर पाएंगे। कहा गया कि न्यूज़ीलैंड की ऊन अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है और हस्तनिर्मित कालीन उद्योग के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कच्चा माल है।

सीईपीसी के पदाधिकारी

बीडीएच 10 भारत-न्यूजीलैंड उच्च स्तरीय राउंडटेबल चर्चा में शामिल सीईपीसी के पदाधिकारी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

✦भारत-न्यूज़ीलैंड उच्च स्तरीय राउंडटेबल चर्चा कब आयोजित की गई?−
भारत-न्यूज़ीलैंड उच्च स्तरीय राउंडटेबल चर्चा 14 से 17 जुलाई तक आयोजित की गई।
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