भारत-मालदीव के बीच यूपीआई डिजिटल भुगतान सेवा शुरू
भारत और मालदीव के बीच सीमापार डिजिटल भुगतान सेवा शुरू हो गई है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, मालदीव मॉनेटरी अथॉरिटी ने 'फवारा यूपीआई' का सफल संचालन किया है। इस सेवा के माध्यम से मालदीव में रहने वाले लोग रियल टाइम में भारत के लिए भुगतान कर सकेंगे।

नई दिल्ली, एजेंसी। भारत और मालदीव के बीच एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) के जरिये सीमापार डिजिटल भुगतान सेवा आरंभ हो गई है। यह पहल दोनों देशों के बीच डिजिटल वित्तीय कनेक्टिविटी को बढ़ाने और आर्थिक सहयोग की दिशा में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी। बयान के अनुसार, गुरुवार को मालदीव मॉनेटरी अथॉरिटी (एमएमए) ने मालदीव के ‘फवारा यूपीआई’ के भारतीय यूपीआई से एकीकरण के बाद इसके सफल संचालन की घोषणा की। बयान में बताया गया कि शुरुआत में मालदीव में रहने वाले लोग फवारा का इस्तेमाल कर भारत में परिजनों या अन्य लोगों को ‘रियल टाइम’ भुगतान कर सकेंगे。
भुगतान प्रक्रिया
रकम भेजने वाला मालदीवियन रुफिया में भुगतान करेगा, लेकिन यूपीआई नेटवर्क इसे भारतीय रुपये में बदलकर पाने वाले के खाते में जमा करेगा। मालदीव ने यह सेवा दो स्थानीय बैंकों बैंक ऑफ मालदीव और मालदीव इस्लामिक बैंक की भागीदारी से शुरू की है। इन बैंकों के ग्राहक मोबाइल ऐप के जरिये भारत में सीधे भुगतान कर सकेंगे。
दुकानों में भुगतान भी जोड़ा जाएगा
बयान में बताया गया है कि इस सहयोग के अगले चरण में सीमापार भुगतान के और भी तरीके शामिल किए जाएंगे। इनमें क्यूआर कोड आधारित मर्चेंट भुगतान (दुकानों में भुगतान) और अन्य डिजिटल भुगतान सेवाएं होंगी。
नौ और देशों में काम करता है यूपीआई
भारतीय यूपीआई नेटवर्क मालदीव के अलावा नौ और देशों में संचालित है। इनमें कंबोडिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरिशस, नेपाल, भूटान, कतर और श्रीलंका शामिल हैं। इससे इन देशों में जाने वाले भारतीय यात्रियों के लिए आसानी से लेन-देन करना संभव हो पाता है।


