एआई पर संयुक्त बयान में भारत-जापान का तीन बिन्दुओं पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री के बीच हुई वार्ता के बाद, भारत-जापान ने वैश्विक शासन में समावेशी एआई के इस्तेमाल और डिजिटल बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया। बयान में एआई के टिकाऊ विकास और सहयोग पर सहमति हुई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री के बीच हुई वार्ता के बाद संयुक्त बयान में भारत-जापान ने वैश्विक शासन में समावेशी एआई के इस्तेमाल, एआई के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे के विकास के साथ सार्वभौमिक एआई पर जोर दिया जिससे पूरी मानवता लाभान्वित हो। बयान में कहा गया है कि यह एक ऐसी तकनीक है जो अर्थव्यवस्थाओं, समाज, विज्ञान, तकनीक, उद्योग, व्यापार, शासन और सुरक्षा को बदल रही है। इसमें कहा गया है कि शिखर सम्मेलन में लिए गए फैसलों का इनोवेशन, सामाजिक कल्याण, आर्थिक सुरक्षा और अंतराष्ट्रीय व्यवस्था पर लंबे समय तक असर होगा। इसी समझ के आधार पर दोनों देश एआई के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। इसके पीछे एक सुरक्षित, भरोसेमंद, समावेशी, मानव केंद्रीत, टिकाऊ, जवाबदेह और इनोवेशन ओरिएंटेड एआई इकोसिस्टम बनाने का मकसद है। बयान के अनुसार भारत और जापान जैसी समान सोच वाले देशों के साथ भी एआई में सहयोग बढ़ाया जाएगा। दोनों नेताओं ने एआई के टिकाऊ विकास के लिए इससे जुड़े जोखिमों को सही ढंग से कम करने, मजबूत, विविध और भरोसमंद एआई सप्लाई चेन सुनिश्चित करने पर भी सहमति दी है。
इन बिंदुओं पर जोर
1.अंतरराष्ट्रीय एआई शासन
भारत-जापान ने अन्तरराष्ट्रीय शासन के एक ऐसे फ्रेमवर्क को बढ़ावा देने का महत्व दोहराया है जो सुरक्षित, मजबूत और समावेशी एआई पर केंद्रीत हो। यह फ्रेमवर्क जिम्मेदार इनोवेशन का समर्थन करे। साथ ही राष्ट्रीय कानूनों, प्राथमिकताओं एवं परिस्थितियों का सम्मान करे।
सार्वभौमिक एआई
दोनों नेताओं ने एआई समिट में अपनाए गई नई दिल्ली घोषणापत्र में बताए गए सभी के लिए एआई विजन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एआई का फायदा समूची मानवता को मिलना चाहिए। इसके जरिये सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच को आसान बनाना होगा।
डिजिटल ढांचे का विकास
दोनों नेताओं ने एआई के क्षेत्र में रणनीतिक शोध और विकास भागीदार के रूप में आगे बढ़ने पर भी सहमति प्रकट की। एआई के लिए सुरक्षित डिजिटल ढांचे जैसे डेटा सेंटर, जीपीयू और अन्य कंप्यूट रिसौर्सेज और सेमीकंडक्टर शामिल हैं, पर भी सहयोग मजबूत करने का निर्णय लिया।


