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रूस से बढ़ती दोस्ती भारत को अमेरिका से कर सकती है दूर, ट्रंप ने कहा-जल्द पता चलेगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा कवच के सौदे और ईरान से तेल खरीद के भारत के ऐलान के बाद अमेरिकी प्रतिबंध को लेकर संशय बरकरार है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि इस मामले में भारत को जल्द पता चलेगा। 

दरअसल, अमेरिका ने रूस, उत्तर कोरिया व ईरान से संवेदनशील हथियार प्रणाली खरीदने वाले देशों के लिए काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट (काट्सा) कानून बनाया है। रूस के तेल एवं गैस उद्योग, रक्षा क्षेत्र और वित्तीय संस्थानों से सहयोग करने वाले इस कानून की जद में आते हैं। कानून के तहत रूस के साथ हथियार सौदे पर अमेरिकी प्रतिबंधों से भारत को छूट देने का अधिकार केवल ट्रंप के ही पास है। अमेरिका ने यह अभी तक स्पष्ट नहीं किया है कि वह मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने पर भारत को प्रतिबंधों से कोई छूट देगा या नहीं।

व्हाइट हाउस में प्रतिबंधों से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने कहा, ‘भारत को पता चल जाएगा। भारत को पता चलने जा रहा है। आप जल्द ही देखेंगे। यह पूछे जाने पर कि ऐसा कब होगा, उन्होंने कहा कि आप देखिए, आपकी उम्मीदों से भी जल्द। ट्रंप जब सवालों का जवाब दे रहे थे तो उस वक्त वहां विदेश सचिव माइक पोम्पिओ भी कक्ष में मौजूद थे। विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने भारत को छूट देने के लिए जिरह की थी।

पिछले हफ्ते हुआ था करार

भारत ने पिछले हफ्ते ही रूस के साथ अरबों डालर की एस-400 ट्रायम्फ वायु रक्षा प्रणाली खरीद के लिए करार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन की दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। 

ईरान से तेल खरीदने वाले देशों को धमकी

भारत का नाम लिए बिना ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि अमेरिका उन देशों को देख लेगा जो उसकी तरफ से लगाए गए प्रतिबंध के बाद भी ईरान से तेल का आयात जारी रखेंगे। ईरान पर अमेरिका के तेल से जुड़े प्रतिबंध चार नवंबर से लागू होने हैं। भारत चीन के बाद ईरानी कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है। 

भारत अपने हितों की सुरक्षा करेगा : प्रधान

तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को कहा था कि दो सरकारी तेल कंपनियों ने नवंबर में ईरान से कच्चे तेल के आयात के लिये ऑर्डर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की अपनी ऊर्जा जरूरते हैं जिसे उसे पूरा करना है। इंडियन ऑयर कॉरपोरेशन (आईओसी) और मंगलोर रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) ने साथ मिलकर ईरान से 12.5 लाख टन (एमटी) कच्चे तेल के लिए ऑर्डर दिया है। 

ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे

ट्रंप ने मई में ईरान के साथ 2015 में हुए परमाणु समझौते से अपने हाथ वापस खींच लिये थे और उस पर फिर से आर्थिक प्रतिबंध लगा दिये थे। कुछ प्रतिबंध छह अगस्त से प्रभावी हो गए थे जबकि तेल और बैंकिंग क्षेत्र को प्रभावित करने वाले प्रतिबंध चार नवंबर से प्रभावी होंगे। इराक और सऊदी अरब के बाद ईरान भारत को तेल आपूर्ति करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है।  

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