ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ विदेशअमेरिका ने पाकिस्तान को किराए की बंदूक की तरह इस्तेमाल किया, आतंकवाद के मुद्दे पर इमरान का छलका दर्द

अमेरिका ने पाकिस्तान को किराए की बंदूक की तरह इस्तेमाल किया, आतंकवाद के मुद्दे पर इमरान का छलका दर्द

इमरान खान के खिलाफ जब पाकिस्तान की संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था तब भी पूर्व पीएम ने अमेरिका के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए उन्हें सत्ता से बेदखल करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था।

अमेरिका ने पाकिस्तान को किराए की बंदूक की तरह इस्तेमाल किया, आतंकवाद के मुद्दे पर इमरान का छलका दर्द
Ashutosh Rayपीटीआई,इस्लामाबादThu, 24 Nov 2022 05:10 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर अमेरिका पर निशाना साधा है। इमरान खान ने गुरुवार को कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका ने पाकिस्तान को किराए की बंदूक की तरह की इस्तेमाल कर रहा है। इसके साथ-साथ खान ने यह भी कहा कि भारत के साथ अमेरिका के अच्छे संबंध हैं जबकि उनके देश (पाकिस्तान) के साथ यूएस बेहद अशोभनीय संबंध रखता है।

इमरान खान ने इसी साल अप्रैल में अमेरिका पर उन्हें सत्ता से बेदखल करने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया था। अमेरिकी पब्लिक ब्रॉडकास्टर सर्विस की ओर से हाल की उनकी टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर कि यूएस पाकिस्तान को गुलाम की तरह मानता है, खान ने कहा, मेरा मानना है जो एक तथ्य भी है कि पाकिस्तान-अमेरिका के संबंध असंतुलित हो गए हैं।

इमरान ने भारत-अमेरिका के संबंध को बताया शोभनीय

इमरान खान कहा कि यहां अमेरिका और भारत जैसे संबंध नहीं है, जिसे मैं एक बहुत की सभ्य संबंध, एक सम्मानित संबंध मानता हूं। पाकिस्तान को लेकर मैं अच्छे तरीके से जानता हूं कि आंतक के खिलाफ लड़ाई में हम एक किराए की बंदूक की तरह थे। मुझे लगता है कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच यह एक बहुत ही अशोभनीय रिश्ता है।

लोकतंत्र गुलामी नहीं करते

यह पूछे जाने पर कि क्या वह मानते हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ उनके अच्छे संबंध हो सकते हैं, खान ने कहा, संयुक्त राज्य अमेरिका एक लोकतंत्र है। लोकतंत्र आलोचना को स्वीकार करता है। लोकतंत्र अन्य लोगों के दृष्टिकोण को स्वीकार करता है। गुलामी नहीं करते हैं।

मुझे आलोचना करना का अधिकार है

इमरान खान ने आगे कहा कि अमेरिका के साथ पाकिस्तान के लिए संबंध हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसका मतलब यह नहीं होना चाहिए कि सिर्फ सत्ता परिवर्तन को लेकर मुझे अमेरिका के साथ भविष्य में संबंध नहीं रखने चाहिए। मुझे आलोचना करने का अधिकार है। इमरान खान ने बार-बार यह दावा किया है कि अमेरिकी विदेश विभाग के टॉप अधिकारी डोनाल्ड लू उनकी सरकार को गिराने के लिए एक 'विदेशी साजिश' का हिस्सा थे।

epaper