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9 अप्रैल, 2021|1:05|IST

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इमरान खान ने बताया- FATF ने किया ब्लैक लिस्ट तो किस तरह तबाह होगा पाकिस्तान

imran khan

इमरान खान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ब्लैक लिस्ट में पाकिस्तान के जाने का डर सता रहा है। इसका आभास पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री इमरान खान के गुरुवार रात को देश के नाम दिए गए संबोधन में हुआ। इमरान खान ने बताया कि पाकिस्तान पर किस कदर एफएटीएफ का दबाव है।

राष्ट्र के नाम संबोधन में इमरान खान ने एफएटीए्फ के बारे में कहा कि यदि एफएटीएफ द्वारा पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाता है तो देश पर कई प्रतिबंध लगा दिए जाएंगे। बाहर से आने वाले चीजें महंगी हो जाएगी और देश और अधिक गरीबी में चला जाएगा। इमरान खान ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने सबसे पहले साल 2018 के चुनाव में ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। 

इमरान खान ने कहा, ''एफएटीएफ की ब्लैक लिस्ट का मतलब है कि हमारा रुपया गिरना शुरू हो जाएगा और कितना गिरेगा, यह कोई नहीं कह सकता। जब रुपया गिरेगा तो महंगाई बढ़ जाएगी। आप जो भी बाहर से मंगाते हैं, वह महंगा हो जाता है। जैसे-तेल, बिजली, दालें आदि सब महंगा हो जाएगा। अगर पाकिस्तान ब्लैकलिस्ट में जाएगा तो गरीबी और बढ़ जाएगी। विपक्ष का सिर्फ एक एजेंडा था और वह यह कि मुझे ब्लैकमेल किया जाए।'' 

पिछले तकरीबन तीन सालों से पाकिस्तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में है। हर बार उस पर ब्लैक लिस्ट में जाने का खतरा मंडराता रहता है। बीते महीने हुई एफएटीएफ की बैठक में भी पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में बरकरार रखा गया था। आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई न करने की वजह से एफएटीएफ से लगातार पाकिस्तान को मार पड़ रही है। इस वजह से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। रिपोर्ट्स की मानें तो पाकिस्तान को 38 अरब डॉलर (करीब 2806 अरब रुपए) का नुकसान हो चुका है।

अभी भी तीन बिंदुओं पर कदम उठाए जाने की जरूरत
एफएटीएफ ने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ 27 बिंदुओं को पूरा करने के लिए कहा था, जिसमें से अभी भी तीन बिंदुओं पर काम करना बाकी है। एफएटीएफ के अध्यक्ष डॉ मार्कस प्लेयर ने बताया था कि पाकिस्तान अभी भी निगरानी में ही रहेगा। पाकिस्तान ने कुछ महत्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन कई गंभीर कमियां बनी हुई हैं। उन्होंने कहा था, "ये सभी क्षेत्र आतंकी वित्तपोषण से संबंधित हैं। 27 में से तीन (बिंदुओं) पर पूरी तरह से कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।'' एफएटीएफ ने पिछले साल पाकिस्तान को आगाह किया था कि उसे इस तरह के मुद्दों को हल  करने के लिए जिंदगीभर का मौका नहीं दिया जाएगा और एक्शन प्लान देने में बार-बार असफल होने पर उसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा। 

'विपक्ष में बैठने को तैयार हूं'
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सीनेट के चुनाव में अपने वित्त मंत्री की हार के बाद शनिवार को संसद में विश्वास मत हासिल करने का फैसला किया है। राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने कहा कि मैं विपक्ष में बैठने के लिए तैयार हूं। इमरान खान ने टीवी पर देश के नाम संबोधन में कहा कि अगर मैं विश्वास मत हासिल करने में नाकाम रहा तो मैं खुशी से विपक्ष में बैठने के लिए तैयार रहूंगा, लेकिन इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि मैं आप (विपक्षी नेताओं) को तब तक नहीं छोड़ूंगा जब तक आप इस देश का एक-एक पैसा वापस नहीं लौटा देते। बिना नाम लिए उन्होंने आरोप लगाया कि उनके 16 विधायकों को पार्टी समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ वोट देने के लिए रिश्वत दी गई थी। 

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  • Web Title:Imran Khan says how will FATF destroy Pakistan if it will be in black list