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दावा : आतंकियों पर फर्जी केस दर्ज करा रही इमरान सरकार, FATF की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश

pakistan prime minister imran khan ap file

आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान एक और झूठ दुनिया के सामने आया है। पाकिस्तानी सरकार आर्थिक प्रतिबंधों से बचने के लिए आतंकवादियों के खिलाफ नकली और कमजोर मुकदमें दर्ज करवा रही है। मीडिया रिपोर्ट से रविवार को इसकी जानकारी मिली।

एक जुलाई को लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकी के खिलाफ जमीन विवाद को लेकर मामला दर्ज किया गया। मामले में न तो जमीन विवाद से जुड़े लोगों का नाम है और न ही उनके अपराधों की जानकारी। वहीं आतंकी गतिविधियों को बताने में भी काफी साधारण शब्द इस्तेमाल किए गए हैं। मामला इतना कमजोर है कि अदालत आतंकी पर कोई कार्रवाई होने की संभावना नहीं है।

आतंक पर मेहरबान
मामले में दर्ज एफआईआर में मुंबई हमले का मास्टरमांइड व लश्कर प्रमुख हाफिज सईद या आतंकी अब्दुल गफ्फार, हाफिज मसूद, आमिर हमजा और मलिक जफर इकबाल का नाम ही नहीं है, जबकि ये सब भी उस जमीन के मालिकों में शामिल थे। 

दिखावे की कार्रवाई
पाक आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स को दिखाना चाहता है कि वह आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने को प्रतिबद्ध है। जबकि कमजोर मामले होने की वजह से आतंकियों के छूटने के आसार ज्यादा हैं। पाक एफएटीएफ की आंखों में धूल झोंक रही है।

अक्तूबर में करेगी फैसला
एफएटीएफ ने पाकिस्तान को पिछले साल अपनी ‘ग्रे’ सूची में रखा था। सितंबर में एफएटीएफ पाक को आतंकवाद पर ठीक ढंग से कार्रवाई न करने के लिए ‘ब्लैक’ सूची में डाल सकता है। वह अक्तूबर 2019 तक एक्शन प्लान लागू नहीं कर सका तो उसे नतीजे भुगतना होंगे।

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  • Web Title:Imran Khan Expose Register Fake Cases On Terrorist