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'इमरान खान और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात ने विश्वास में कमी घटाने में मदद की'

imran khan donald trump in white house   white housetwitter 22 july  2019

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि प्रधानमंत्री इमरान खान की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई पहली बैठक से द्विपक्षीय संबंधों में एक नयी शुरुआत हो रही है। साथ ही, इस मुलाकात ने खान को ट्रंप के समक्ष पाकिस्तान का विचार रखने और विश्वास में आई कमी को घटाने में भी मदद की। कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान और भारत के बीच मध्यस्थता करने की ट्रंप की कथित पेशकश पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कुरैशी ने कहा, ''भारत ने हमेशा ही इस तरह की प्रतिक्रिया की है, वे (भारत) कश्मीर के विषय में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं चाहते।"

उन्होंने दावा किया, ''उसने (भारत ने) हमेशा कहा है कि वे कश्मीर पर द्विपक्षीय वार्ता चाहते हैं, फिर भी वे इस वार्ता के लिए कभी नहीं बैठे। वे मध्यस्थता नहीं चाहते और वे द्विपक्षीय वार्ता नहीं चाहते।" उन्होंने कहा, ''इस विषय पर पाकिस्तान का रुख बहुत साफ है: हम शांति चाहते हैं, हम शांति प्रयास चाहते हैं, हमारा यह मानना है कि इस समस्या का एकमात्र हल वार्ता है।"

ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से अमेरिका-पाकिस्तान के बीच संबंध सहज नहीं रहे हैं। पाकिस्तानी सरजमीं से संचालित होने वाले तालिबान और अन्य आतंकी संगठनों पर नकेल कसने में नाकाम रहने को लेकर अमेरिका द्वारा इस्लामाबाद को करोड़ों डॉलर की सुरक्षा सहायता रोके जाने के बाद दोनों देशों के बीच संबंध पिछले साल अपने सबसे खराब दौर में चले गए थे।

कश्मीर के बारे में डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव पर भारत की प्रतिक्रिया से इमरान हैरान

कुरैशी ने बताया कि सोमवार को ट्रंप ने व्हाइट हाऊस में खान की मेजबानी की और दोनों नेताओं ने खुल कर बातचीत की। कुरैशी ने कहा, ''इससे यह संकेत मिलता है कि कभी हमारे संबंधों में रही कड़वाहट कम हो गई है।" यहां खान की बैठक के बाद वाशिंगटन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुरैशी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान की यात्रा करने का खान का न्यौता स्वीकार कर लिया है।

कुरैशी के मुताबिक बातचीत खुल कर हुई और पाकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल वह संदेश देने में सक्षम रहा जो वह ले कर आया था। यह संदेश था पाकिस्तान का विचार रखना क्योंकि दोनों देशों के बीच चर्चा का लंबा अंतराल हो गया था। दरअसल, इस तरह की बातचीत पिछले पांच साल में दोनो देशों के बीच नहीं हुई थी। डॉन अखबार ने विदेश मंत्री के हवाले से बताया है कि पिछले पांच साल से दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने मुलाकात नहीं की थी। ''हमारे देश में कोई विदेश मंत्री नहीं था और पिछले पांच-छह साल यहां हमारा कोई लॉबिस्ट नियुक्त नहीं था-- इन सभी चीजों ने दोनों देशों के बीच एक खालीपन पैदा कर दिया था।"

उन्होंने कहा, ''हम यह सच नहीं भूल सकते कि दोनों देशों के बीच संबंध ऐसा हो गया था कि हमारे लिए कोई दरवाजा खुला हुआ नहीं था...।" उन्होंने कहा, ''वहां से हम यहां तक पहुंचे हैं। मैं यह नहीं कह रहा कि इस बैठक ने हमारे लिए सारी चीजें बदल दी हैं। मैं यह कह रहा हूं कि एक दरवाजा जो हमारे लिये पूरी तरह से बंद हो गया था...उसके खुलने की संभावना पैदा हो गई है।" कुरैशी ने कहा, ''हमारे संबंधों में कभी रही कठोरता अब कम हो गई है। एक नयी शुरुआत, एक नया अध्याय खुल रहा है।"

अमेरिकी आर्थिक सहायता वापस लिए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''यह विश्वास में आई कमी के चलते हुआ। इसे अब हम रोकने (विश्वास में आई कमी को) की कोशिश कर रहे हैं। हम आशा कर सकते हैं ये कार्यक्रम बहाल हो जाएंगे।" आतंकवाद को धन मुहैया किये जाने के मुद्दे पर कुरैशी ने कहा, ''हम यहां झूठ बोलने नहीं आए हैं, ना ही हम यहां वो वादे करने आएं जो निभा नहीं सकते हैं।" अफगानिस्तान में हालात और अपने कबायली इलाकों में शांति बहाल करने की पाकिस्तान की कोशिशों के बारे में पूछे जाने पर कुरैशी ने कहा, ''...पाकिस्तान को अफगानिस्तान के हालात के लिये मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया जाता है जबकि हमारा विचार इसके ठीक उलट है।

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  • Web Title:Imran Khan Donald Trump meeting has helped reduce trust deficit Says Shah Mehmood Qureshi