हूती विद्रोहियों का यमन के बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जा
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यमन के मोखा शहर पर कब्जा कर लिया है। यह क्षेत्र वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है, जहां 12 प्रतिशत तेल भेजा जाता है। यह कब्जा वैश्विक जहाजरानी और ऊर्जा आपूर्ति के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

अदन, एजेंसी। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को यमन के रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जा कर लिया। यह इलाका लाल सागर से होकर होने वाले वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हूती और यमनी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। मोखा बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से करीब 80 किलोमीटर दूर है। लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच स्थित यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार के लिए अहम है। सामान्य तौर पर दुनिया के करीब 12 प्रतिशत तेल और अन्य सामान इसी मार्ग से भेजे जाते हैं। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद होर्मुज से पोतों की आवाजाही बाधित होने के कारण बाब अल-मंदेब का महत्व और बढ़ गया है। ऐसे में मोखा पर हूती विद्रोहियों का कब्जा वैश्विक जहाजरानी और ऊर्जा आपूर्ति के लिए नई चिंता पैदा कर सकता है। यमन सरकार के साथ गठबंधन करने वाली नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स के कमांडर अहमद बाश और हूती राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य हजाम अल-असद ने मोखा पर कब्जे की पुष्टि की।
ताइज प्रांत में भी हूतियों की बढ़त
हूती विद्रोहियों और यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के बीच संघर्ष 2014 में शुरू हुआ था। हाल के दिनों में हूती विद्रोहियों ने पश्चिमी प्रांत ताइज में भी बढ़त बनाई है। यमनी सेना के अहमद अल-मवाजी और सरकार समर्थक सऊदी समर्थित बलों के सदस्य अब्देल कादेर अल-शरबी ने इसकी जानकारी दी।


