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पाकिस्तान में हिंदुओं पर क्यों बरप रहा कहर, डेढ़ साल में 7 मशहूर मंदिरों पर हमला

हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Aditya Kumar
Thu, 05 Aug 2021 05:40 PM
पाकिस्तान में हिंदुओं पर क्यों बरप रहा कहर, डेढ़ साल में 7 मशहूर मंदिरों पर हमला

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 4 अगस्त की देर रात कट्टरपंथियों की भीड़ ने एक हिंदू मंदिर पर हमला कर दिया। इस भीड़ ने मंदिर में लगी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को भी तहस-नहस कर डाला। बीते सालों में यह पहला मौका नहीं है, जब हिंदू मंदिर पर इस तरह से हमला किया गया है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि पिछले एक साल में पाकिस्तान में कई जगह हिंदू मंदिरों के साथ तोड़फोड़ की गई है और प्रशासन का रवैया लापरवाह रहा है। आइए पिछले एक साल में पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों के साथ हुए तोड़फोड़ के बारे में जानते हैं।

28 मार्च 2021
पंजाब के रावलपिंडी शहर में होली के ठीक पहले यहां एक हिंदू मंदिर पर हमला कर दिया गया था। दंगाइयों ने 74 साल से अधिक पुराने मंदिर को नुकसान पहुंचाया था। 

30 दिसंबर 2020
खैबर पख्तूनख्वा प्रदेश के करक जिले में हिंसक धार्मिक भीड़ ने हिंदू मंदिर में आग लगाई थी और मंदिर ढहाने की कोशिश की थी।

24 अक्टूबर 2020
सिंध प्रदेश के नागरपारकर जिले के एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की गई थी। नवरात्रि के दौरान देवी-देवताओं की मूर्ति को तोड़ दिया गया था।

10 अक्टूबर 2020
सिंध प्रदेश के बादिन जिले के रामदेव हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की गई थी। इस हमले के कुछ दिनों के बाद प्रशासन ने एक व्यक्ति की गिरफ़्तारी की थी जिसे बाद में छोड़ दिया गया था। बताया गया कि आरोपी मानसिक तौर पर अस्वस्थ है।

16 अगस्त 2020
इस दिन कराची शहर के हनुमान मंदिर को ढहा दिया गया था और मूर्तियों को नष्ट कर दिया गया था। यह मंदिर सैकड़ों साल पुराना था।

4 जुलाई 2020
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शहर का पहला मंदिर बनना शुरू हुआ। 2018 में इस मंदिर के लिए सरकार ने जमीन दी थी। लेकिन 4 जुलाई 2020 को मुस्लिम प्रदर्शनकारियों ने मंदिर के लिए जमीन देने के विरोध में आ गए थे। विरोध-प्रदर्शन के बाद सरकार बैकफुट पर आ गई थी और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

26 जनवरी 2020
सिंध के थारपारकर के चाचरो में माता रानी भटियानी के मंदिर को दंगाइयों ने नुकसान पहुंचाया था। हिंसक भीड़ ने मूर्तियों को तोड़ा था और पवित्र ग्रंथों को फाड़ डाला था।

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कई मौकों पर हिंदू मंदिरों की सुरक्षा की बात कही है लेकिन इसका कुछ असर होता नहीं दिख रहा है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की रक्षा के लिए कड़े कदम नहीं उठाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और संगठनों द्वारा पाकिस्तान को लताड़ा जाता रहा है।

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