यूके के 15 हजार उत्पाद सस्ते मिलेंगे

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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शोल्डर ::: भारत-ब्रिटेन बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता लागू, कई शहरों से निर्यात की खेप रवाना

यूके के 15 हजार उत्पाद सस्ते मिलेंगे

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। भारत-यूके के बीच हुआ ऐतिहासिक ‘व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता’ (सीईटीए) और सामाजिक सुरक्षा समझौता बुधवार से लागू हो गया। इसके साथ ही, यूके से भारत आने वाले 15 हजार से अधिक उत्पादों पर समझौते के तहत आयात शुल्क शून्य हुआ है या फिर भारी कटौती हुई है। भारत ने यूके के करीब 90% उत्पादों पर आयात शुल्क में भारी कमी की है, जिससे प्रीमियम कारें, चॉकलेट, स्कॉच व्हिस्की और कॉस्मेटिक्स जैसे ब्रिटिश सामान भारतीय उपभोक्ताओं के लिए सस्ते हो जाएंगे。

समझौते का प्रभाव

वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि समझौता लागू होने का असर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा। धीरे-धीरे यूके के उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ती दरों पर मिलेंगे। वहीं, यूके की तरफ से होने वाला निवेश भी जमीन पर दिखाई देगा। इसके साथ ही, भारतीय उत्पादों की शिपमेंट जैसे ही ब्रिटेन के बाजार में पहुंचने शुरू होगी तो वहां उनकी उपलब्धता तेजी से बढ़ेगी। समझौते के बाद भारतीय उत्पाद अब ब्रिटेन के बाजार में बाकी देशों की तुलना में सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगे, जिससे प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी। रोजगार के लिहाज से एफटीए लागू होने पर ब्रिटेन में भारतीयों के लिए अब रास्ते खुल गए हैं।

कृषि क्षेत्रों को मिलेगा बड़ा फायदा

इस समझौते को भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे एक तरफ जहां भारतीय कृषि उत्पादों के लिए ब्रिटेन का बड़ा बाजार खुल जाएगा, वहीं देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों के हितों को भी पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। इस समझौते के तहत ब्रिटेन भारतीय कृषि उत्पादों को अपने बाजार में शुल्क मुक्त प्रवेश देगा। इससे भारत के इन कृषि आधारित कई क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। खासकर प्रमुख कृषि राज्यों-महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पंजाब के मुख्य कृषि निर्यात केंद्रों को इससे भारी बढ़ावा मिलेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। खासकर किसान उत्पादक संगठनों, पैकहाउस, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और लॉजिस्टिक्स (ट्रांसपोर्टेशन) क्षेत्र में नए मौके बनेंगे。

निर्यातकों के लिए मौके बढ़ेंगे

गौरतलब है कि ब्रिटेन हर साल करीब 90 अरब डॉलर (7.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) के कृषि और प्रोसेस्ड खाद्य उत्पाद आयात करता है। शून्य शुल्क प्रवेश मिलने से भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजारों में अपने प्रतिस्पर्धियों (जैसे वियतनाम या अन्य देश) पर सीधी बढ़त मिलेगी। इसके अलावा भारतीय निर्यातकों को वस्तुओं के व्यापार में चीन और बांग्लादेश का मुकाबला करने में आसानी होगी। क्योंकि भारत से ब्रिटेन को निर्यात किए जाने वाले 99 फीसदी उत्पाद शून्य शुल्क के साथ वहां पहुंचेंगे।

निर्यात खेप रवाना हुई

भारत ने निर्यात होने वाले 99 फीसदी उत्पादों को समझौते में शामिल किया गया है, जिस पर आयात शुल्क को शून्य किया गया है। समझौता लागू होने के साथ ही भारत के कई प्रमुख शहरों से ब्रिटेन के लिए निर्यात खेप रवाना हुई। इनमें अमृतसर, नोएडा, कोयंबटूर, हैदराबाद, नई दिल्ली, लुधियाना और जम्मू जैसे क्षेत्र शामिल थे। अमृतसर से रेडीमेड कपड़ों और कृषि उत्पादों की खेप रवाना की गई, जबकि लुधियाना से खेलों का सामान और नोएडा से रेडीमेंट गारमेंट की खेप रवाना की गई।

देशों देशों को कितना फायदा

व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) पर पिछले वर्ष जुलाई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्रिटेन के उनके समकक्ष केअर स्टॉर्मर ने हस्ताक्षर किये थे। इस समझौते का आधिकारिक नाम मुक्त व्यापार समझौता नहीं, बल्कि सीईटीए है। यह समझौता 2030 तक दोनों देशों के बीच मौजूदा अनुमानित 48 अरब पाउंड के सालाना व्यापार को कम से कम दोगुना करने में मदद करेगा। हर साल इससे भारत की जीडीपी में £5.1 अरब पाउंड, जबकि यूके की जीडीपी में £4.8 अरब पाउंड की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। यूरोपीयन यूनियन को छोड़ने के बाद यह ब्रिटेन की सबसे बड़ा आर्थिक समझौता है। वहीं, दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शुमार भारत के लिए भी यह बड़ा सौदा है। दोनों देशों ने इस समझौते के लिए करीब तीन साल तक लगातार बातचीत की थी।

यूपी के उत्पादों का रुतबा

यह समझौता उत्तर प्रदेश के कारोबार और निर्यात के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है। भारतीय निर्यात परिषद का मानना है कि इस समझौते से प्रदेश के उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में और मजबूती मिलेगी। अभी प्रदेश और यूके के बीच करीब 32 हजार करोड़ रुपये का व्यापार है, जिसमें 35 फीसदी तक बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। निर्यात परिषद की रिपोर्ट में बताया गया कि यूके, अमेरिका के बाद उत्तर प्रदेश के उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात बाजार है। अब तक कई भारतीय उत्पादों पर ब्रिटेन में 4 से 16 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगता था। एफटीए लागू होने के बाद अधिकांश उत्पादों को शुल्क मुक्त बाजार मिलेगा। इससे प्रदेश के निर्यातकों की लागत घटेगी और उनके उत्पाद ब्रिटेन में अन्य देशों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे।

इन क्षेत्रों को फायदा

इस समझौते का सबसे अधिक लाभ लेदर, गारमेंट, फुटवियर, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग, केमिकल, हैंडीक्राफ्ट, फर्नीचर और मसाला उद्योग को मिलेगा। कानपुर का चमड़ा, नोएडा का इंजीनियरिंग, गारमेंट, आगरा का फुटवियर और गाजियाबाद का इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर इस बदलाव से सबसे अधिक फायदा उठाने की स्थिति में हैं।

आम जनता तक ऐसे पहुंचेगा फायदा

1. सस्ता विदेशी सामान: टैक्स हटने से विदेशी फल, गैजेट्स, गाड़ियां या मशीनें घरेलू बाजार में सस्ती मिलने लगती हैं।

2. भारतीय निर्यातकों को फायदा: भारत के कपड़ा, रत्न-आभूषण और फार्मा जैसे उद्योगों को बिना किसी टैक्स रुकावट के विदेशी बाजार मिल जाता है। इससे देश का निर्यात और डॉलर की कमाई बढ़ती है।

3. रोजगार के नए मौके: जब कंपनियों का व्यापार बढ़ता है, तो वे फैक्ट्रियां बड़ी करती हैं, जिससे देश में नौकरियों के नए अवसर पैदा होते हैं।

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कोट ::

1. भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई देगा। कई अहम क्षेत्रों को यूके के बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी। इससे किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई और पेशेवरों के लिए नए अवसर खुलेंगे तथा साझा समृद्धि को मजबूती मिलेगी। -नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

2. यह व्यापार समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को नई मजबूती देगा। रोजगार सृजन करने वाले उद्योगों के लिए नए अवसर खोलेगा। 99% भारतीय निर्यात पर शुल्क खत्म होने से एमएसएमई, कपड़ा, चमड़ा, दवा और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलेगा।

- अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री

3. भारत-ब्रिटेन संबंधों का यह नया अध्याय साझा समृद्धि, नवाचार और सतत आर्थिक विकास को नई गति देगा। इससे दोनों देशों की मित्रता और आर्थिक साझेदारी पहले से अधिक मजबूत होगी।

सी. पी. राधाकृष्णन, उपराष्ट्रपति

4. भारत और ब्रिटेन ने दो वैश्विक आर्थिक महाशक्तियों की संयुक्त आर्थिक शक्ति को साकार किया है। यह एफटीए भविष्य के व्यापार समझौतों का नया स्वर्ण मानक है। यह दुनिया को स्पष्ट संदेश देता है कि नियम-आधारित वैश्विक व्यापार व्यवस्था प्रभावी और भरोसेमंद है।

लिंडी कैमरन, ब्रिटेन की उच्चायुक्त

5. यह समझौता भारत और ब्रिटेन के आर्थिक संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत करेगा। यदि उद्योग जगत इन अवसरों का पूरा लाभ उठाता है, तो इससे रोजगार, निवेश और आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे।

– राजेश अग्रवाल, वाणिज्य सचिव

6. सीईटीए और सामाजिक सुरक्षा समझौते से भारत-ब्रिटेन के आर्थिक संबंध नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे। इससे किसानों, एमएसएमई, उद्यमियों और भारतीय पेशेवरों के लिए नए अवसर तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

पीयूष गोयल, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री

सामान्य प्रश्न

भारत-यूके व्यापार समझौते से किस क्षेत्र को सबसे अधिक लाभ होगा?
इस समझौते का सबसे अधिक लाभ लेदर, गारमेंट, फुटवियर, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग, केमिकल, हैंडीक्राफ्ट, फर्नीचर और मसाला उद्योग को मिलेगा।
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