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Hindi News विदेश'दुनिया झेल नहीं पाएगी दूसरा गाजा', हिजबुल्लाह-इजरायल की तनातनी ने बढ़ाई टेंशन; UN ने दे दी चेतावनी

'दुनिया झेल नहीं पाएगी दूसरा गाजा', हिजबुल्लाह-इजरायल की तनातनी ने बढ़ाई टेंशन; UN ने दे दी चेतावनी

हिजबुल्लाह और इजरायल की तकरार को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि इससे निकट भविष्य में लेबनान में गाजा जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

'दुनिया झेल नहीं पाएगी दूसरा गाजा', हिजबुल्लाह-इजरायल की तनातनी ने बढ़ाई टेंशन; UN ने दे दी चेतावनी
Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 22 Jun 2024 03:35 PM
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इजरायल और लेबनानी समूह हिजबुल्लाह के बीच तनातनी ने टेंशन बढ़ा दी है। इस तकरार को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ऐसी आशंका व्यक्त की है कि निकट भविष्य में लेबनान में गाजा जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा, "लेबनान में एक और गाजा-स्थिति संकट से निपटना दुनिया के लिए मुश्किल होगा।"

अलजजीरा के मुताबिक, लेबनान के ईरान समर्थक शिया सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह के प्रमुख हसन नसरल्ला ने इस सप्ताह धमकी दी थी कि अगर साइप्रस इजरायल की मदद करेगा तो उनकी सेना यूरोपीय द्वीप देश पर हमला करेगी। इसके बाद इजरायल-लेबनान सीमा पर नया तनाव पैदा हो गया है। इसके लिए यूरोपीय संघ पहले ही हिजबुल्लाह प्रमुख की आलोचना कर चुका है।

वहीं अमेरिका ने आशंका जताई है कि अगर संपूर्ण युद्ध छिड़ गया तो इजरायल खतरे में पड़ सकता है। अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों के एक समूह के अनुसार, हिजबुल्लाह के पास आयरन डोम सहित इजरायल की वायु रक्षा प्रणालियों की तुलना में अधिक मिसाइलें और ड्रोन हैं। इस वजह से इजरायली सेना की वायु रक्षा इकाइयों के लिए उनके हमलों को पूरी तरह से रोकना संभव नहीं हो सकता है।

लेबनान के हिजबुल्लाह के पास स्वतंत्रता समर्थक फिलिस्तीनी सशस्त्र समूह हमास की तुलना में दोगुने से भी अधिक लड़ाके हैं। लेबनानी शिया समूह हथियारों के मामले में भी बहुत आगे है। ईरान समर्थित इस सशस्त्र समूह के पास विभिन्न कैलिबर और रेंज के रॉकेटों के अलावा 'निर्देशित' मिसाइलें भी हैं और शक्तिशाली ड्रोन भी हैं। 

पश्चिमी मीडिया के मुताबिक, हिजबुल्लाह ने ईरान के सैन्य तकनीकी बुनियादी ढांचे का उपयोग करके कई पुरानी रूसी मिसाइलों का आधुनिकीकरण पूरा कर लिया है। नतीजतन, संयुक्त राष्ट्र को डर है कि अगर संपूर्ण युद्ध छिड़ गया तो पूरा पश्चिम एशिया और यहां तक ​​कि यूरोप भी प्रभावित हो सकता है।