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हमास का एक और खूंखार कमांडर ढेर, गाजा में संभाली थी कमान; 2002 से था इजरायल के निशाने पर

हमास के खिलाफ युद्ध में इजरायल को एक अहम सफलता मिली है। उसने एक शीर्ष हमास आतंकी को मार गिराया है। खुद हमास ने इसकी पुष्टि की है, हालांकि उसने यह नहीं बताया कि वह कब व कहां मारा गया है।

हमास का एक और खूंखार कमांडर ढेर, गाजा में संभाली थी कमान; 2002 से था इजरायल के निशाने पर
Deepakलाइव हिन्दुस्तान,दीर अल-बलाह (गाजा पट्टी)Sun, 26 Nov 2023 07:07 PM
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हमास के खिलाफ युद्ध में इजरायल को एक अहम सफलता मिली है। उसने एक शीर्ष हमास आतंकी को मार गिराया है। खुद हमास ने इसकी पुष्टि की है, हालांकि उसने यह नहीं बताया कि वह कब और कहां मारा गया है। मारे गए हमास आतंकी का नाम अहमद अल-गंदौर है। बताया जाता है कि वह बीते कई साल से इजरायल के निशाने पर था। इतना ही नहीं, इजरायल ने उसे तीन बार मारने की भी कोशिश की थी, लेकिन अल-गंदौर अभी तक बचा हुआ था। गौरतलब है कि इजरायल और हमास के बीच फिलहाल चार दिन का युद्धविराम है। इस दौरान हमास ने कुछ बंधकों को भी छोड़ा है।

तीन बार से बच रहा था
हमास आतंकी के मारे जाने की खबर रविवार को आई। इसके मुताबिक हमास ने कहा है कि इजरायल के साथ युद्ध में उसका एक शीर्ष कमांडर मारा गया है। चरमपंथी समूह ने रविवार को अहमद अल-गंदौर की मौत की घोषणा की। इसने हालांकि यह नहीं बताया कि वह कब और कहां मारा गया। अल-गंदौर समूह की सशस्त्र शाखा का एक उच्च पदस्थ सदस्य और उत्तरी गाजा में हमास का शीर्ष कमांडर था। वाशिंगटन स्थित ‘काउंटर एक्सट्रीमिज्म प्रोजेक्ट’ के अनुसार, 2002 तक उसे मारने के लिए इजरायल द्वारा किए गए कम से कम तीन प्रयासों में वह बच गया था।
    
युद्धविराम का असर
इस बीच हमास और इजरायल के बीच चार दिवसीय युद्धविराम से दक्षिण लेबनान के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी शांति बहाल होने लगी है। युद्ध के चलते जो लोग गांव में अपने घर खाली करके चले गए थे वे अब वापस लौटने लगे हैं। बंद दुकानें फिर से खुल गई हैं और सड़कों पर वाहन भी नजर आ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन के अनुसार,  इजरायल-हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद लेबनानी चरमपंथी समूह हिजबुल्ला और इजराइली बलों के बीच कई बार संघर्ष देखा गया, जिसके कारण सीमावर्ती इलाकों से लगभग 55,500 लेबनानी नागरिक अपने घर छोड़कर चले गए। इस संघर्ष के दौरान लेबनान में भी 100 से अधिक और इजरायल में 12 लोग मारे गए। लेबनान में कम से कम 12 आम नागरिकों को जान गंवानी पड़ी, जिनमें तीन पत्रकार थे।

मिली थोड़ी राहत
इस चार दिवसीय युद्धविराम से लेबनान के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को हवाई हमलों, बमबारी और गोलीबारी से अस्थायी राहत मिली है। इसको देखते हुए कुछ लोग वापस अपने क्षतिग्रस्त घरों को देखने के पहुंचे और अपना सुरक्षित बचा सामान साथ ले जा रहे हैं।  वहीं, कुछ लोग यहां रहने के लिए ही लौटे हैं। हौला गांव के निवासी सेवानिवृत्त स्कूल प्रधानाचार्य अब्दुल्ला कुतीश और उनकी पत्नी सबा भी उन लोगों मे से हैं जो युद्ध के चलते अपने घर को छोड़कर उत्तरी क्षेत्र में अपनी बेटी के पास रहने चले गए थे।

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