हर नौ में से एक प्रवासी पक्षी के विलुप्त होने का खतरा

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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- 45% प्रजातियों की संख्या लगातार घट रही है - कोयल जैसे पक्षी भी इंसानी

हर नौ में से एक प्रवासी पक्षी के विलुप्त होने का खतरा

नैरोबी, एजेंसी। दुनिया भर में मौसम और भोजन की तलाश में लंबी दूरी तय करने वाले प्रवासी पक्षियों पर खतरा बढ़ रहा है। एक नई वैश्विक रिपोर्ट के मुताबिक, हर 9 में से करीब 1 प्रवासी पक्षी प्रजाति के विलुप्त होने का खतरा है।लगभग 45 प्रतिशत प्रवासी पक्षियों की संख्या लगातार घट रही है। इनमें कोयल, टर्टल डव और आर्कटिक टर्न जैसी प्रजातियां भी हैं। स्लेंडर-बिल्ड कर्ल्यू नाम के पक्षी को पिछले साल आधिकारिक तौर पर विलुप्त घोषित किया गया।तेजी से बढ़ती खेती, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आवासों का कम होना इसके बड़े कारण हैं। पिछले 10 वर्षों में की गई निगरानी में पाया गया कि प्रवासी पक्षियों के लिए अहम 1,099 जैव विविधता वाले क्षेत्रों में से 58 फीसदी की स्थिति बहुत खराब है।

प्रवासी पक्षी बीज फैलाने, कीटों की संख्या नियंत्रित करने और खाद्य श्रृंखला बनाए रखने के लिए अहम हैं।

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