DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ईरान परमाणु समझौता बचाने की कवायद में जुटे फ्रांस के राष्ट्रपति, हसन रूहानी से की एक घंटे बात

emmanuel macron

फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने कहा कि वह ईरान और पश्चिमी सहयोगियों के बीच 15 जुलाई तक वार्ता पुन: आरंभ कराने की कोशिश में जुटे हैं ताकि क्षेत्र में तनाव कम किया जा सके। राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में कहा कि मैक्रों ने ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी के साथ शनिवार को एक घंटे से अधिक समय तक बातचीत की।

यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब तेहरान और अमेरिका के बीच गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। मैक्रों ने कहा कि वह सभी पक्षों के बीच 15 जुलाई तक वार्ता पुन: आरंभ कराने की कोशिश करेंगे। बयान में विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी गई। 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पिछले साल इस समझौते से पीछे हट गए थे, जिसके बाद से ही यूरोप, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर हुए इस समझौते को बचाने की जद्दोजहद में लगा है।

ईरान यूरेनियम के संवर्धन को बढ़ाने को है तैयार, अमेरिका और यूरोप पर मढ़ा परमाणु समझौते के उल्लंघन का आरोप

वहीं दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के एक शीर्ष सहयोगी ने कहा कि इस्लामी गणराज्य 2015 परमाणु सौदे में निर्धारित सीमा से अधिक यूरोनियम संवर्धन करने को तैयार है। ईरान ने यह ऐलान ऐसे समय में किया है जब उसने यूरोप को रविवार तक समझौते के लिए नई शर्तें प्रस्तुत करने को कहा है।

शीर्ष नेता अली अकबर विलायती ने एक वीडियो संदेश में कहा, ''अमेरिका ने प्रत्यक्ष और यूरोप ने अप्रत्यक्ष रूप से समझौते का उल्लंघन किया है।" यूरोपीय पक्षों ने अभी ईरान को अमेरिका प्रतिबंधों से बचने के तरीका नहीं सुझाया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने करीब एक साल पहले ईरान पर प्रतिबंध लगाए थे, जो विशेषतौर पर उसकी महत्वपूर्ण तेल बिक्री को निशाना बनाते हैं। खामेनेइ की वेबसाइट पर मौजूद वीडियो में उन्होंने कहा कि हम उतनी ही तेजी से प्रतिक्रिया देंगे, जितना वे इसका उल्लंघन करेंगे । हम उतनी ही अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे हटेंगे, जितना वे हटेंगे। उन्होंने कहा, ''अगर वे अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करते हैं, तो हम भी करेंगे।"

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:France President Emmanuel Macron Trying To Save Iran Nuclear Deal