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ब्रिटेन में भारतीय मूल के चार लोगों को 122 साल की सजा, क्या था वो जघन्य अपराध

पांचवें भारतीय मूल के व्यक्ति, 24 वर्षीय सुखमनदीप सिंह को भी हत्या की साजिश में शामिल माना गया। उसे ऑरमान के बारे में जानकारी देने का दोषी पाया गया और उसे 10 साल की सजा सुनाई गई थी।

ब्रिटेन में भारतीय मूल के चार लोगों को 122 साल की सजा, क्या था वो जघन्य अपराध
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,लंदनSat, 13 Apr 2024 04:26 PM
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एक व्यक्ति की हत्या के मामले में ब्रिटिश कोर्ट ने चार भारतीय मूल के पुरुषों को 122 साल की कैद की सजा सुनाई है। इन लोगों को भारतीय मूल के ही एक 23 वर्षीय डिलीवरी ड्राइवर की हत्या का दोषी पाया गया था। पिछले साल अगस्त में स्थानीय वेस्ट मर्सिया पुलिस को पश्चिमी इंग्लैंड के श्रुस्बरी में हमले की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को ऑरमान सिंह नाम का व्यक्ति घटनास्थल पर मृत मिला था। पुलिस ने हत्या के संदेह में चार लोगों को गिरफ्तार किया।

बाद में 24 वर्षीय अर्शदीप सिंह, 23 वर्षीय जगदीप सिंह, 27 वर्षीय शिवदीप सिंह और 24 वर्षीय मनजोत सिंह को कुल्हाड़ी, हॉकी स्टिक और फावड़े से हत्या करने का दोषी पाया गया। उनमें से प्रत्येक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, जिसमें कम से कम 28 साल सलाखों के पीछे रहना होगा। पांचवें भारतीय मूल के व्यक्ति, 24 वर्षीय सुखमनदीप सिंह को भी हत्या की साजिश में शामिल माना गया। उसे ऑरमान के बारे में जानकारी देने का दोषी पाया गया और उसे 10 साल की सजा सुनाई गई थी।

हत्या की जांच का नेतृत्व करने वाले वेस्ट मर्सिया पुलिस के डिटेक्टिव चीफ इंस्पेक्टर (डीसीआई) मार्क बेलामी ने कहा, "मुझे खुशी है कि ऑरमान सिंह की नृशंस हत्या के लिए इन लोगों को महत्वपूर्ण सजा दी गई है। ये पांच लोग खतरनाक व्यक्ति हैं जो अब जेल में पर्याप्त सजा काटेंगे जहां वे जनता को और नुकसान नहीं पहुंचा सकते।" उन्होंने कहा, “जब ऑरमान की योजनाबद्ध हत्या से उसका परिवार टूट गया है। मेरी संवेदनाएं उनके साथ हैं। आज की सजा से उन लोगों को कड़ा संदेश जाना चाहिए जो सोचते हैं कि वे हमारे शहरों में हिंसक अपराध कर सकते हैं।” 

ऑरमान के परिवार ने कहा कि कोई भी शब्द उनकी इस त्रासदी को बयां नहीं कर सकते हैं। पुलिस के माध्यम से जारी बयान में परिवार ने कहा, “आज एक माँ अपने बेटे के बिना बूढ़ी हो जाएगी। एक बहन अपने भाई के बिना बड़ी होगी। हम नहीं चाहते कि जो हमारे साथ हुआ वह किसी दूसरे परिवार के साथ हो। यह हमारे लिए एक असहनीय क्षति है जिसने हमारे जीवन को बदल दिया है।"