DA Image
Saturday, November 27, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ विदेशमस्जिद जाने में भी लगता है डर, खुदा का नाम लेकर जाते हैं; अफगानिस्तान के शियाओं की आप बीती

मस्जिद जाने में भी लगता है डर, खुदा का नाम लेकर जाते हैं; अफगानिस्तान के शियाओं की आप बीती

रॉयटर्स,काबुलAditya Kumar
Thu, 21 Oct 2021 06:29 PM
मस्जिद जाने में भी लगता है डर, खुदा का नाम लेकर जाते हैं; अफगानिस्तान के शियाओं की आप बीती

अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अल्पसंख्यक समुदाय के लोग डरे हुए हैं। हजारा और शिया समुदाय के लोगों को लगातार टारगेट किया जा रहा है। पिछले दो शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के दौरान मस्जिदों में आत्मघाती बम विस्फोट कर शिया लोगों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है।

रिपोर्ट्स बताते हैं कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोग डर के मारे मस्जिदों में नहीं जा रहे हैं। कई लोगों ने कहा है कि वह घर से निकलते हुए अल्लाह से दुआ करते हैं कि वह सही सलामत घर लौटें क्योंकि उन्हें यकीन नहीं है कि वह जिंदा घर लौटेंगे। बता दें कि पिछले तालिबान शासन के दौरान भी अल्पसंख्यों को बुरी तरह से टारगेट किया गया था।

इन अल्पसंख्यकों को सुन्नी चरमपंथियों द्वारा सच्चे मुसलमान के तौर पर नहीं देखा जाता है। एक अनुमान के मुताबिक अफगानिस्तान की कुल आबादी में करीब 15 फीसद लोग शिया मुस्लिम हैं। इसमें ताजिक, पश्तून और हजारा भी शामिल हैं। ये अल्पसंख्यक अफगान राजनीति की जातीय और आर्थिक प्रतिद्वंद्विता के शिकार भी रहे हैं।

हालांकि तालिबान ने वादा किया है कि अफगानिस्तान के सभी जातीय समूहों की रक्षा की जाएगी लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। तालिबान अधिकारियों ने पिछले हफ्ते शिया मस्जिदों में सुरक्षा बढ़ाने का वादा किया था लेकिन लोगों को भरोसा नहीं है। अफगानिस्तान में आत्मघाती हमलों में इतने लोग मारे गए हैं कि उनका काबुल में एक विशेष कब्रिस्तान है, जिसे शहीदों का बगीचा कहा जाता है।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें