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पहले तेल, अब प्लेन: भारत के जिगरी यार के सामने क्यों गिड़गिड़ा रहा पाकिस्तान, हिन्दुस्तान के खिलाफ क्या प्लान?

Russia-Pakistan BRICS: पिछले साल चीन में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान, पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाया था कि ब्रिक्स समूह का

पहले तेल, अब प्लेन: भारत के जिगरी यार के सामने क्यों गिड़गिड़ा रहा पाकिस्तान, हिन्दुस्तान के खिलाफ क्या प्लान?
Pramod Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 23 Nov 2023 09:36 AM
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पड़ोसी देश पाकिस्तान इन दिनों भारत के जिगरी यार रूस से राजनयिक संबंधों को मजबूत करने के लिए मिन्नतें कर रहा है। आर्थिक संकट की मार झेलने के बावजूद इस्लामाबाद मॉस्को से सीधी उड़ानें  शुरू करने के लिए हाथ-पैर मार रहा है। यह पहल तब हुई है, जब पाकिस्तान 2024 में ब्रिक्स देशों के समूह में शामिल होने के लिए अपने आवेदन पर रूस का समर्थन मांग रहा है। बुधवार (22 नवंबर) को रूस में पाकिस्तान के नवनियुक्त राजदूत मुहम्मद खालिद जमाली ने रूस के सरकारी समाचार एजेंसी TASS को बताया कि दोनों देश सीधी हवाई सेवा शुरू करने की कोशिशों में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। 

पाकिस्तान इन दिनों पाई-पाई को मोहताज बना हुआ है। वावजूद इसके जमाली ने कहा, "दोनों पक्ष एक-दूसरे के संपर्क में हैं और सीधी उड़ान के तौर-तरीकों पर काम कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों का संपर्क बहुत महत्वपूर्ण है।" जमाली ने उम्मीद जताई कि रूस और पाकिस्तान के बीच सीधी उड़ानें शुरू होने से हमारे संबंध घनिष्ठ होंगे और व्यापार संबंध मजबूत होंगे।  बता दें कि अतीत में भी दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें थीं लेकिन आर्थिक संकट की वजह से उसे बंद करना पड़ा था।

बदलती भू-राजनीति में अहम: बदलती भू-राजनीतिक परिदृश्य और पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति के मद्देनजर यह घटनाक्रम अहम है। भारत के पारंपरिक रूप से दृढ़ सहयोगी रूस के साथ पाकिस्तान अपने संबंधों को बढ़ाने के लिए उत्सुक है। पाकिस्तानी राजदूत ने ही इसके पीछे की वजहों का खुलासा करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने ब्रिक्स में शामिल होने के लिए एक आवेदन जमा किया है और वह 2024 तक सदस्य बनने की आकांक्षा के साथ, संघ में शामिल होने के लिए रूस के समर्थन पर भरोसा कर रहा है।

रूस फिलहाल ब्रिक्स का अध्यक्ष है। रूस कज़ान में आगामी ब्रिक्स 2024 शिखर सम्मेलन से पहले संभावित पार्टनर देशों की एक सूची को अंतिम रूप देने की तैयारी कर रहा है। खालिद जमाली ने पुष्टि की कि इस्लामाबाद 2024 में रूस की अध्यक्षता में समूह का सदस्य बनने का इरादा रखता है। पाक राजदूत ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस्लामाबाद सक्रिय रूप से सदस्य देशों के साथ जुड़ रहा है और इस प्रमुख संगठन में शामिल होने के अपने प्रयास के तहत पाकिस्तान की सदस्यता के लिए उनका समर्थन मांग रहा है।

रूस, पाकिस्तान संबंध
रूस के साथ पाकिस्तान के संबंधों में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। विशेष रूप से यूक्रेन युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों में नई तेजी आई है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक बड़ा मील का पत्थर जून 2023 में तब आया, जब कुल 100,000 टन में से 45,000 टन रूसी कच्चे तेल की शुरुआती खेप नकदी संकट झेल रहे पाकिस्तान में पहुंची। यह पाकिस्तान का पहला सरकार-दर-सरकार रूसी कच्चे तेल का आयात था, जो दो प्रमुख कारणों से काफी महत्वपूर्ण था।

सबसे पहले, यह मॉस्को पर पश्चिमी प्रतिबंध लगाए जाने के बाद पाकिस्तान को रूसी कच्चे तेल की पहली डिलीवरी का प्रतीक है। दूसरे, उल्लेखनीय पहलू यह था कि ये डील डॉलर के पारंपरिक उपयोग से हटकर चीनी युआन में किए गए थे।

यूक्रेन को हथियार सप्लाई के आरोप
हालाँकि, रूस-पाकिस्तान संबंधों में तनाव तब पैदा हो गया, जब ऐसी खबरें सामने आईं कि पाकिस्तान यूक्रेन को गोला-बारूद मुहैया करा रहा है। भारत में रूसी दूत डेनिस अलीपोव ने इन रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान द्वारा यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति के आरोप सही हैं, तो इससे रूस-पाकिस्तान द्विपक्षीय संबंधों पर महत्वपूर्ण और प्रतिकूल परिणाम होंगे।

उधर, पाकिस्तानी सरकार के अधिकारियों ने इन दावों का जोरदार खंडन किया और कहा कि पाकिस्तान यूक्रेन को हथियार या गोला-बारूद की आपूर्ति में शामिल नहीं है। यूक्रेन को कथित हथियार आपूर्ति को लेकर तनाव के बावजूद रूस और पाकिस्तान के संबंधों में धीरे-धीरे प्रगति के संकेत दिख रहे हैं।

भारत के खिलाफ जहर
दरअसल, इस्लामाबाद अब ब्रिक्स में शामिल होने के लिए रूस के समर्थन का लाभ उठाना चाह रहा है, यह एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि भारत, जो ब्रिक्स का सदस्य भी है, ने संगठन में पाकिस्तान के शामिल होने पर आपत्ति व्यक्त की है। पिछले साल चीन में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान, पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि ब्रिक्स समूह के "एक सदस्य" ने उसकी भागीदारी को रोक दिया।

इस बीच, 18 नवंबर को रूस और पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का मुकाबला करने और विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों से निपटने पर ध्यान केंद्रित करते हुए चर्चा की। दोनों देशों ने इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है।

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