पनामा नहर के इतिहास में पहली बार महिला प्रशासक
नौसेना इंजीनियर इल्या एस्पिनो डी मारोट्टा ने पनामा नहर के प्रशासक के रूप में कमान संभाली। वह इस नहर की पहली महिला प्रशासक बनीं। उनका लक्ष्य पानी की पर्याप्तता और शिपिंग उद्योग की विश्वसनीयता बनाए रखना है। पनामा नहर से गुजरने वाले पोतों की संख्या में कमी का खतरा भी है।

नौसेना इंजीनियर इल्या एस्पिनो डी मारोट्टा ने सोमवार को पनामा नहर प्रशासन की कमान संभाल ली। वह नहर का नेतृत्व करने वाली इतिहास की पहली महिला प्रशासक बन गईं। वह ऐसे समय में यह जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जब दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग के सामने कई चुनौतियां हैं। वह इससे पहले उप प्रशासक के पद पर थीं। वर्ष 1999 के आखिर में अमेरिका द्वारा इस अंतरमहाद्वीपीय जलमार्ग का नियंत्रण पनामा को सौंपे जाने के बाद अब तक केवल तीन अन्य पनामा के नागरिक इस पद पर रहे हैं।पनामा नहर देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और दुनिया के कुल समुद्री व्यापार का करीब तीन प्रतिशत इसी नहर से होकर गुजरता है।
एस्पिनो का लक्ष्य भविष्य में पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है, लेकिन इसके साथ वह शिपिंग उद्योग के लिए नहर की विश्वसनीयता भी बनाए रखना चाहती हैं।पनामा से गुजरने वाले पोत की संख्या हो सकती है कमपानी की कमी के खतरे को देखते हुए पनामा नहर से रोजाना गुजरने वाले पोत की संख्या कम हो सकती है। यह मौजूदा 32 से घटाकर 27 किया जा सकता है।


