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बहन की बढ़ती ताकत से घबरा गए किम जोंग उन? उत्तर कोरिया के तानाशाह ने आखिर क्यों किम यो जोंग को कर दिया किनारे 

उत्तर कोरिया के तानाशाह की प्रभावशाली बहन किम यो जोंग कहां है? किम जोंग उन की ओर से हाल ही में जारी देश के शक्तिशाली पोलितब्यूरो में किम यो जोंग का नाम नहीं दिखने के बाद परमाणु शक्ति संपन्न देश पर...

बहन की बढ़ती ताकत से घबरा गए किम जोंग उन? उत्तर कोरिया के तानाशाह ने आखिर क्यों किम यो जोंग को कर दिया किनारे 
पीटीआई,सियोलWed, 13 Jan 2021 06:55 PM
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उत्तर कोरिया के तानाशाह की प्रभावशाली बहन किम यो जोंग कहां है? किम जोंग उन की ओर से हाल ही में जारी देश के शक्तिशाली पोलितब्यूरो में किम यो जोंग का नाम नहीं दिखने के बाद परमाणु शक्ति संपन्न देश पर नजर रखने वाले लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है। कुछ कहते हैं कि आम नीतियों में विफलता के बाद किम जोंग ने अपनी बहन का पद घटा दिया है तो कुछ मानते हैं कि तानाशाह बहन की ताकत तेजी से बढ़ने की वजह से चिंतित था, क्योंकि बढ़ती आर्थिक चुनौतियों के बीच देश पर वह अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखना चाहता है।

किम यो जोंग को अपने भाई का उत्तराधिकारी माना जा रहा था। किम यो जोंग को पिछले साल पोलितब्यूरो का वैकल्पिक सदस्य बनाया गया था और यह तय माना जा रहा था कि मंगलवार को खत्म हुए सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी कांग्रेस में उन्हें पूर्ण सदस्यता दे दी जाएगी। किम जोंग उन सरकार में पोलितब्यूरो की सदस्यता को अहम माना जाता है क्योकि किम अपने अहम फैसले ब्यूरो की बैठकों में ही लेता है, जिसमें 2013 में अपने अंकल जांग सोंग थाएक को मौत की सजा देने का फैसला शामिल है।

2016 के बाद पहली बार जब 8 दिनों के सम्मेलन की शुरुआत हुई तो 32 वर्षीय किम यो जोंग पुरुष प्रधान पार्टी में लीडरशिप पोडियम पर बैठी दिखीं। लेकिन सोमवार को जब 30 वैक्लपिक और पूर्ण सदस्यों वाले पोलितब्यूरो की घोषणा हुई तो किम यो जोंग का नाम नहीं था।

किम यो जोंग को दूसरे नेताओं की तरह हटाया नहीं गया है या राजनीति छोड़ने पर मजबूर नहीं किया गया है, वह अब भी पार्टी की सेंट्रल कमिटी की सदस्य हैं। लेकिन बुधवार को जब उन्होंने साउथ कोरिया की निंदा करते हुए एक बयान जारी किया तो सरकारी मीडिया ने उन्हें पार्टी का 'वाइस डिपार्टमेंट डायरेक्टर' बताया, जो कि उनके पहले के पद 'फर्स्ट वाइस डिपार्टमेंट डायरेक्टर' से एक रैंक नीचे है।

किम जोंग उन अपने 2.5 करोड़ लोगों से अपने नेतृत्व के साथ मजबूती से बने रहने की अपील कर रहे हैं ताकि वे वह अपने देश की "सबसे खराब" कठिनाइयों को दूर कर सकें। कोरोना वायरस महामारी संबंधी आर्थिक झटकों, पिछले साल गर्मियों में प्राकृतिक आपदाओं और अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से उत्तर कोरिया की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। कांग्रेस के दौरान, किम ने अपने परमाणु शस्त्रागार का विस्तार करने और एक मजबूत, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था बनाने की बात कही।

साउथ कोरिया की खुफिया एजेंसी के द्वारा संचालित थिंक टैंक नेशनल सिक्यॉरिटी स्ट्रैटिजी के पूर्व डेप्यूटी हेड को योंग ह्वान ने कहा, ''कांग्रेस का उद्देश्य किम जोंग उन के नेतृत्व को मजबूत करना है। यदि किम यो जोंग को पोलितब्यूरो का पूर्ण सदस्य बना दिया गया होता तो सभी की निगाहें उन पर होतीं और किम जोंग उन ने इसे एक बोझ के रूप में महसूस किया।''

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