सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत ईयू का अहम साझेदार
यूरोपीय आयोग की कार्यकारी उपाध्यक्ष हेना विरकुनेन ने भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में ईयू का महत्वपूर्ण साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि ईयू अपनी चिप आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए भरोसेमंद देशों के साथ काम करना चाहता है। भारत में उच्च कौशल वाले पेशेवरों की बड़ी संख्या है, जो इसे एक महत्वपूर्ण भागीदार बनाती है।

यूरोपीय आयोग की कार्यकारी उपाध्यक्ष हेना विरकुनेन ने कहा कि सेमीकंडक्टर (चिप) क्षेत्र में भारत, यूरोपीय संघ (ईयू) का एक बेहद अहम साझेदार है। उन्होंने कहा कि ईयू अपनी चिप आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए भरोसेमंद देशों के साथ मिलकर काम करना चाहता है। ब्रसेल्स में भारत-ईयू व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की तीसरी बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विरकुनेन ने कहा कि सेमीकंडक्टर के शोध और विकास के लिए भारत एक महत्वपूर्ण भागीदार है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में उच्च कौशल वाले पेशेवर मौजूद हैं。
भारत का महत्वपूर्ण साझेदार होना
उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत यूरोपीय संघ का बेहद महत्वपूर्ण साझेदार है। जून में हमारा चिप्स 2.0 कार्यक्रम अपनाया गया। हमारा खास ध्यान चिप आपूर्ति को अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाने पर है। हम यूरोपीय संघ में अपनी उत्पादन क्षमता भी बढ़ाना चाहते हैं और भरोसेमंद साझेदार देशों के साथ भी काम करना चाहते हैं। आपूर्ति श्रृंखला इतनी मजबूत हो कि किसी एक स्रोत पर निर्भर न रहना पड़े।
एआई इम्पैक्ट समिट का महत्व
उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट को सफल बताया और इस आयोजन के लिए भारत को बधाई दी। विरकुनेन की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब करीब एक महीने पहले अमेरिका की एआई सुरक्षा और शोध कंपनी एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने नई दिल्ली में हुए इस सम्मेलन को बेहद अव्यवस्थित बताया था।
प्रश्नोत्तर
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