डीपफेक और साइबर खतरों पर ईयू ने बनाई नई निगरानी टीम
हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
यूरोपीय संघ ने शुक्रवार को एआई तकनीक से जुड़े खतरों के बीच एआई कंपनियों पर नजर रखने के लिए नई टीम बनाने का एलान किया। यह तकनीकी नियमों में से एक माना जा रहा है। एआई एक्ट रविवार से लागू होगा, जिसमें कंपनियों को एआई उत्पादों को लेबल करना होगा।

तेजी से बढ़ रही एआई तकनीक से लोगों, राजनीति और अर्थव्यवस्था पर बढ़ते खतरों के बीच यूरोपीय संघ (ईयू) ने शुक्रवार को दुनिया भर की एआई कंपनियों पर नजर रखने के लिए नई टीम बनाने की घोषणा की। इसे अब तक तकनीकी क्षेत्र पर लागू होने वाले सबसे सख्त नियमों में से एक माना जा रहा है। यह टीम यह निगरानी करेगी कि कहीं एआई मॉडल का इस्तेमाल अश्लील सामग्री, फर्जी फोटो और वीडियो (डीपफेक) या सार्वजनिक ढांचे पर साइबर हमलों जैसे कामों में तो नहीं किया जा रहा है।यूरोपीय संघ का एआई एक्ट रविवार से लागू हो जाएगा। इसके तहत एआई कंपनियों को यह स्पष्ट करना होगा कि चैटबॉट या तस्वीरें और वीडियो एआई से बनाए गए हैं।
इसके लिए उन्हें लेबल या डिजिटल वाटरमार्क का इस्तेमाल करना होगा।


