खाड़ी में ईरान का बड़ा हमला, निशाने पर अमेरिकी ठिकाने

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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विकल्प हेडिंग 1. ईरान ने खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर हमले तेज किए

खाड़ी में ईरान का बड़ा हमला, निशाने पर अमेरिकी ठिकाने

दुबई/वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष सोमवार को और तेज हो गया। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरान ने खाड़ी देशों बहरीन, कुवैत, ओमान और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं, अमेरिका ने ईरान के वायु रक्षा तंत्र, तटीय रडार, मिसाइल एवं ड्रोन क्षमताओं और छोटी नौकाओं पर भीषण हमले किए। आईआरजीसी (ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) के मुताबिक हमले के पहले चरण में जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले में ईंधन डिपो और गोला-बारूद भंडारण केंद्रों में आग लग गई। दूसरे चरण में बहरीन के शेख ईसा एयरबेस को निशाना बनाया गया। आईआरजीसी के अनुसार उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने हेलीकॉप्टर रखरखाव केंद्र, पी-8 समुद्री निगरानी विमान के हैंगर और अमेरिकी ड्रोन कमांड एवं कंट्रोल सेंटर पर हमला किया। तीसरे चरण में कुवैत के अली अल-सलेम एयरबेस पर ईंधन टैंक और पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली को पूरी तरह नष्ट करने तथा अहमद अल-जाबेर एयरबेस पर एफपीएस रडार प्रणाली को ध्वस्त करने का दावा किया। वहीं, ओमान में रडार प्रणालियां नष्ट कर दी गईं। आईआरजीसी ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका के सैन्य अभियान के जवाब में की जा रही है और जब तक आवश्यक होगा, अभियान जारी रहेगा। संगठन ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी विदेशी सैन्य हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा। वहीं, अमेरिकी सेना ने कहा कि रविवार को उसके लड़ाकू विमानों, नौसैनिक जहाजों और ड्रोन ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार, मिसाइल एवं ड्रोन ठिकानों और छोटी सैन्य नौकाओं पर सटीक हमले किए।

अमेरिका के दावे

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने ताजा सैन्य अभियान का वीडियो जारी किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) द्वारा जारी फुटेज में विमानवाहक पोतों से उड़ान भरते लड़ाकू विमान और ईरानी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले करते हुए दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका ने पहली बार इस अभियान में एकतरफा हमला करने वाले हवाई ड्रोन और समुद्री ड्रोन का भी इस्तेमाल किया। सेंटकॉम के अनुसार शनिवार तक अमेरिकी सेना 140 ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला कर चुकी थी, जबकि पिछले तीन दिनों में कुल 300 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में हाई अलर्ट

कुवैत सिटी, एजेंसी। ईरान द्वारा क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए जाने के बाद सोमवार को खाड़ी के कई देशों में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया। जॉर्डन ने दावा किया कि उसने ईरान से दागी गई चार मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। उधर, बहरीन में मिसाइल हमले की चेतावनी के लिए सायरन बजाए गए। कुवैत सशस्त्र बलों ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली कुवैती हवाई क्षेत्र में मौजूद शत्रु के हवाई लक्ष्यों को रोकने की कार्रवाई कर रही है। सेना ने स्पष्ट किया कि लोगों को जो विस्फोटों की आवाज सुनाई दी, वह वायु रक्षा प्रणाली द्वारा दुश्मन के हमलों को निष्क्रिय करने के दौरान उत्पन्न हुई है।

होर्मुज बना सबसे बड़ा विवाद

ईरान ने एक बार फिर कहा कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि जब तक अमेरिका इस जलमार्ग में सैन्य हस्तक्षेप बंद नहीं करता, तब आवाजाही बहाल नहीं होगी। उसने कहा कि अमेरिकी दखल जारी रहा तो वैश्विक तेल और गैस क्षेत्र में और बड़े संकट पैदा हो सकते हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने सोमवार को कहा कि तेहरान होर्मुज में पोत की आवाजाही के प्रबंधन के लिए ओमान के साथ संयुक्त व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अमेरिका के दबाव के कारण यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।

युद्धविराम पर सवाल

पिछले सप्ताह की तुलना में हमलों का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ गए हैं। इससे पिछले महीने हुआ अमेरिका-ईरान अंतरिम समझौता भी संकट में पड़ गया है। उस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और 60 दिन तक वार्ता जारी रखने पर सहमति बनी थी।

तेल की कीमतों में उछाल

होर्मुज पर बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को ब्रेंट क्रूड का भाव तीन प्रतिशत से अधिक बढ़ गया। हालांकि यह अभी भी युद्ध के शुरुआती दिनों में बने उच्चतम स्तर से नीचे है। ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

28 फरवरी से जारी है युद्ध

अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद से पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है। इस दौरान ईरान ने कई देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकांश ईरान और लेबनान के नागरिक हैं।

सामान्य प्रश्न

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कितने सैन्य ठिकानों पर हमला किया?
सेंटकॉम के अनुसार शनिवार तक अमेरिकी सेना 140 ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला कर चुकी थी।
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