अमेरिका-ईरान टकराव गहराया, फिर बरसे बम और ड्रोन
- अमेरिका ने ईरान पर फिर ताबड़तोड़ हमले किए - तेहरान ने बहरीन

- पश्चिम एशिया में फिर भड़का युद्ध का खतरा
दुबई, एजेंसी। अमेरिका और ईरान में टकराव गहराता जा रहा है। अमेरिका ने मंगलवार तड़के ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। जवाब में ईरान ने बहरीन, जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों और तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इससे पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में एक बार फिर व्यापक युद्ध का खतरा गहरा गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार हमलों में ईरान के तटीय रक्षा तंत्र, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों तथा समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और होर्मुज में वाणिज्यिक पोतों पर उसके हमलों को रोकना है। हमलों के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एक और बड़ा हमला बताते हुए कहा कि अमेरिका ईरान की नाकेबंदी फिर से लागू कर रहा है। ये हमले होर्मुज से गुजरने वाले पोतों से सुरक्षा शुल्क वसूलने की घोषणा के कुछ घंटे बाद हुए।
परमाणु संयंत्र वाले बुशेहर पर हमला
ईरान ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में दक्षिणी बंदरगाह शहर बुशेहर को निशाना बनाया गया, जहां देश का एकमात्र असैन्य परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएन के अनुसार प्रमुख बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के आसपास पांच जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
ईरान का पलटवार
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन और जॉर्डन पर मिसाइल हमले किए। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय है, वहां मिसाइल अलर्ट सायरन तीन बार बजाए गए और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया। जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उसने ईरान की ओर से दागी गई चार मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। जॉर्डन में भी अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
चेतावनियों को नजरअंदाज किया
तेल टैंकरों पर हुए हमले की जिम्मेदारी ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने ली। उसने दावा किया कि पोतों ने उसकी कई चेतावनियों को नजरअंदाज किया था। इस बीच डच शिपिंग कंपनी स्टोल्ट टैंकर्स ने बताया कि उसका पोत 'स्टोल्ट मैग्नीशियम' भी ओमान के तट के पास हमले की चपेट में आया। इंजन रूम में आग लग गई। हालांकि, सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।
तेल की कीमतों में उछाल
तनाव बढ़ने के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का दाम बढ़कर 86 डॉलर प्रति बैरल के एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। हालांकि यह युद्ध के चरम के दौरान पहुंचे लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल से अभी नीचे है, लेकिन ऊर्जा कीमतों में नई बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।
चीन ने सुरक्षित आवाजाही की अपील की
चीन ने अमेरिका और ईरान से होर्मुज में सामान्य और सुरक्षित समुद्री यातायात बहाल करने की अपील की। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज में जल्द से जल्द सुरक्षित और सामान्य आवाजाही बहाल करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा इच्छा है।
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