भारत के निवेश वाले चाबहार पोर्ट पर अमेरिका का हमला
संदेश::: पूर्व में इस शीर्षक,,, ईरान पैकेज ::: ईरान पर अमेरिकी हमले बढ़े, पुल और

दुबई, एजेंसी। अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के खिलाफ नए सिरे से शुरू किए गए बमबारी अभियान को और तेज कर दिया। लगातार छठी रात हुए हमलों में पुलों और एक एयरपोर्ट को निशाना बनाया। इसके साथ ही भारत के निवेश वाले चाबहार पोर्ट को भी हमला किया गया। अमेरिकी हमलों में ईरान में 38 लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है। इसके जवाब में ईरान ने पूरे पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। पहली बार सीरिया में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि ताजा हवाई हमलों में ईरान में दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार ओमान की खाड़ी स्थित चाबहार बंदरगाह पर अमेरिकी हमले में एक टावर ढह गया। यह बंदरगाह अफगानिस्तान सहित आसपास के देशों के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने निगरानी टावर के ढहने की तस्वीर साझा की। चाबहार बंदरगाह का संचालन भारत के सहयोग से ईरान करता रहा है और यह अमेरिकी हवाई हमलों का बार-बार निशाना बन चुका है। ईरानी मीडिया ने बंदरगाह पर हमलों के तीसरे दौर की पुष्टि की, हालांकि तत्काल टावर के ढहने की पुष्टि नहीं की। यह बंदरगाह भारत को पाकिस्तान को बायपास कर अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक व्यापारिक पहुंच उपलब्ध कराता है.
38 की मौत, 400 घायल
ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत में हवाई हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। हमले होर्मुज के तट पर स्थित बंदर खमीर शहर में किए गए। राजमार्ग और रेलवे पुलों पर भी हमले हुए। इसका मकसद ईरान के बंदर अब्बास को देश के मध्य हिस्सों और राजधानी तेहरान से जोड़ने वाले मार्गों को बाधित करना है। इससे सैन्य सामग्री और आम लोगों के लिए जरूरी सामान की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। ईरान के ऊर्जा मंत्रालय ने पहली बार अमेरिकी हमलों के दौरान बिजली के बुनियादी ढांचे पर हमले की पुष्टि की। मंत्रालय ने दक्षिणी प्रांतों के लोगों से बिजली की खपत कम करने की अपील की। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन करमानपुर के अनुसार शुक्रवार सुबह छह बजे तक अमेरिकी हमलों में कम से कम 38 लोग मारे गए और 400 से अधिक घायल हुए हैं.
अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का हमला
ईरान ने कहा कि उसने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों तथा ओमान में एक अमेरिकी रडार स्टेशन को निशाना बनाया। ईरान ने युद्ध में पहली बार सीरिया को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया। उसने वहां अमेरिकी विशेष बलों के ठिकाने पर हमला करने की बात कही। कतर की राजधानी दोहा में भी धमाकों की आवाज सुनी गई। कतर के अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी। मिसाइलों को रोकने के लिए वायु रक्षा प्रणालियों ने कार्रवाई की। कतर के गृह मंत्रालय ने कहा कि मलबे की चपेट में आने से एक बच्चा घायल हुआ है। हालांकि, सीरिया के एक सैन्य सूत्र ने बताया कि हमला ठिकाने के पास हुआ और इससे कोई नुकसान नहीं हुआ.
होर्मुज को लेकर टकराव बढ़ा
7 जुलाई को ईरान द्वारा होर्मुज में पोतों पर हमले के बाद अमेरिका ने हवाई हमले किए थे। इसके बाद युद्ध खत्म करने के लिए हुआ अंतरिम समझौता टूट गया। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में शामिल होर्मुज में यातायात एक बार फिर लगभग ठप हो गया है। इससे इस सप्ताह कच्चे तेल की कीमत बढ़कर करीब 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। ईरान ने होर्मुज को बंद करने की घोषणा की है, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकेबंदी फिर से लागू कर दी है। रणनीतिक रूप महत्वपूर्ण होर्मुज में अमेरिकी मरीन ने एक तेल टैंकर पर चढ़कर कार्रवाई की, जबकि एक अन्य पोत पर हमले किए जाने की सूचना है.
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