खेल : गोलों की बरसात में इंग्लैंड ने मारी बाजी
इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर विश्व कप में तीसरा स्थान हासिल किया। यह मुकाबला पिछले 44 वर्षों का सबसे गोलदार मैच बन गया, जिसमें कुल 10 गोल हुए। बुकायो साका ने हैट्रिक बनाई। यह इंग्लैंड का 60 साल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

शोल्डर : प्लेऑफ के मुकाबले में फ्रांस को पराजित किया, साका ने दागी हैट्रिक, थ्री लायंस ने पहली बार विश्व कप में तीसरा स्थान हासिल किया मियामी गार्डंस, एजेंसी। विश्व कप के जिस मैच को कोई भी टीम खेलना नहीं चाहती है, मौजूदा टूर्नामेंट में वही मुकाबला सबसे रोमांचक बन गए। गोलों की ऐसी बरसात हुई कि प्लेऑफ यह मैच पिछले 44 साल का सबसे बड़ा मुकाबला बन गया। कुल दस गोल हुए इस हाई वोल्टेज मुकाबले में। इसमें इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से रौंदकर पहली बार तीसरा स्थान हासिल किया। थ्री लायंस ने 60 साल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ अपना अभियान खत्म किया।
सबसे गोल वाला मैच
इससे पहले 1982 में हंगरी की अल सल्वाडोर पर 10-1 की जीत के बाद विश्व कप में सबसे अधिक गोल वाला मैच था। तीसरे स्थान के मैच में 10 गोल अब तक के सबसे अधिक हैं। थ्री लायंस ने इससे पहले 1966 में खिताब जीता था। यह इंग्लैंड का विदेशी सरजमीं पर अब का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है। उसकी इस बड़ी जीत के हीरो स्टार विंगर बुकायो साका (37वें, 45 1वें, 87वें मिनट) रहे जिन्होंने हैट्रिक दागी। उनके अलावा डेकलान राइस (तीसरे मिनट), एजरी कोंसा (18वें मिनट) और जूड बेलिंगहम (90 8वें मिनट) ने एक-एक गोल किया। फ्रांस के लिए किलियन एमबापे (48वें, 66वें मिनट) ने दो जबकि ब्रैडली बारकोला (54वें मिनट) और ओस्माने डेंबेले (90 6वें मिनट) ने गोल किए।
सीधी भिड़ंत
हार्ड रॉक स्टेडियम में सेमीफाइनल को देखने के लिए 64,478 दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। इंग्लैंड ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए और तीसरे ही मिनट में बढ़त बना ली। कप्तान हैरी केन की गैरमौजूदगी में टीम की कमान संभाल रहे राइस तेजी से गेंद लेकर आगे बढ़े और बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाकर गोलकीपर माइक मेन्यां के पास से नेट में पहुंचा दिया। राइस यहीं नहीं रुके। उन्होंने इंग्लैंड के दूसरे गोल में भी मदद की। उनके कॉर्नर पर डिफेंडर कोंसा ने शानदार हेडर लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद साका का जादू चला। तेज जवाबी हमले में उन्हें फ्रांस का आधा मैदान लगभग खाली मिला। शुरुआत में गोलकीपर मेन्यां ने उनका पहला प्रयास रोक दिया, लेकिन मार्कस रैशफोर्ड के पास पर मिली रीबाउंड को साका ने नेट में पहुंचा दिया। स्टॉपेज टाइम में साका ने एबेरेची एजे के शानदार थ्रू बॉल पर बॉक्स में दौड़ लगाई और बाएं पैर से कोण बनाते हुए सटीक शॉट लगाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया।
फ्रांस का हमला
दूसरे हाफ में शुरू से ही फ्रांस ने हमले तेज किए। एमबापे ने 48वें मिनट में गोलकीपर डीन हेंडरसन को छकाते हुए शॉट मारकर टीम का खाता खोला। इसके छह मिनट बाद बारकोला ने एमबापे से मिले सटीक पास को आसानी से नेट में पहुंचा दिया। फिर 12 मिनट बाद एमबापे ने लगभग 14 यार्ड की दूरी से बाएं पैर से शॉट मारकर फिर से हेंडरसन को छकाकर स्कोर 3-4 कर दिया। इंग्लैंड को 87वें मिनट में पेनाल्टी मिली जिस पर साका ने गोल कर हैट्रिक पूरी की। इंजरी समय में डेंबेले ने दनदनाते शॉट को गोलपोस्ट में पहुंचाकर फ्रांस का स्कोर 4-5 कर दिया। इसके दो मिनट बाद बेलिंगहम ने अपनी हाफ-लाइन के पास गेंद को नियंत्रित किया और अकेले ही फ्रांसीसी डिफेंडर्स को छकाते हुए गेंद को पेनाल्टी बॉक्स में लेकर गए और फिर गोलकीपर को चकमा देते हुए लोअर कॉर्नर में बेहतरीन शॉट मारा। यह उनका टूर्नामेंट का सातवां गोल रहा।
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16 साल बाद लगातार दो मैच हारा फ्रांस
फ्रांस का रिकॉर्ड
पिछले 16 में पहली बार फ्रांस ने विश्व कप में लगातार दो मैच हारे। इससे पहले 2010 विश्व कप में ग्रुप चरण में मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका से पराजय झेलनी पड़ी थी। यही नहीं पिछले 58 साल में पहली बार है जब फ्रांस की टीम ने किसी भी मुकाबले में पहले हाफ में चार गोल गंवाए। इससे पहले 1958 में यूरो क्वालिफिकेशन मैच में यूगोस्लाविया के खिलाफ ऐसा हुआ था।
साका का ऐतिहासिक पल
साका विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में हैट्रिक जमाने वाले इंग्लैंड के दूसरे खिलाड़ी हैं। उनसे पहले सर ज्योफ हर्स्ट ने 1966 में फाइनल में हैट्रिक दागी थी और टीम को इकलौता खिताब जिताया था। साका फ्रांस के खिलाफ हैट्रिक लगाने ब्राजील के दिग्गज पेले (1958) के बाद दूसरे खिलाड़ी हैं। विश्व कप में साका और हर्स्ट के अलावा हैरी केन (2018 बनाम पनामा) और गैरी लिनेकर (1986 बनाम पोलैंड) ने ही इंग्लैंड के लिए हैट्रिक दागी है।
संख्याएँ
-7 गोल बेलिंगहम ने किए जो एक संस्करण में किसी इंग्लैंड खिलाड़ी के सर्वाधिक गोल हैं। उन्होंने गैरी (6) को पीछे छोड़ा
-60 साल में यह इंग्लैंड का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। टीम इससे पहले 2018 और 1990 में तीसरे स्थान के मुकाबले में हार गई थी
-10 गोल पहली बार विश्व कप के तीसरे स्थान में हुए। इससे पहले 1958 में फ्रांस और जर्मनी के मैच में कुल नौ गोल हुए थे
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डेसचैम्प्स हार के साथ विदा
डिडिएर डेसचैम्प्स की विदाई
यह फ्रांस के कोच डिडिएर डेसचैम्प्स का टीम के साथ आखिरी मैच था। उन्हें हार के साथ विदा होना पड़ा। पिच से बाहर निकलते समय डेसचैम्प्स ने खिलाड़ियों को गले लगाया और भीड़ की ओर हाथ हिलाया। वह 14 साल बाद टीम से अलग हुए। हालांकि विश्व कप में 26वें मैच के साथ कोच के रूप में जर्मनी के हेल्मुट शॉन (25 मैच) का विश्व कप में सर्वाधिक मैचों का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
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