होर्मुज में तेल टैंकर पर ड्रोन हमला
- चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित - पोतों को अधिक सतर्क रहने

लंदन, एजेंसी। होर्मुज से बाहर निकलते समय एक वाणिज्यिक टैंकर को ड्रोन ने निशाना बनाया। ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। घटना 13 अगस्त की बताई गई है।
घटना की जानकारी
यूकेएमटीओ ने सैन्य अधिकारियों की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि हमले में टैंकर को मामूली नुकसान पहुंचा है। पोत पर सवार सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और किसी तरह के तेल रिसाव या पर्यावरणीय नुकसान की सूचना नहीं है। घटना के बाद यूकेएमटीओ ने होर्मुज से गुजरने वाले सभी वाणिज्यिक पोतों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही, किसी भी संदिग्ध समुद्री गतिविधि की तत्काल सूचना देने को कहा है। इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने होर्मुज में सरकारी तेल कंपनी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) से जुड़े दो वाणिज्यिक पोतों पर ईरान के हमले की कड़ी निंदा की थी। यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसमें नौवहन की स्वतंत्रता के महत्व को बताया गया है।
यूएई का आरोप
यूएई ने हमले को समुद्री डकैती करार दिया।
यूएई ने कहा कि हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। उसने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) पर समुद्री मार्ग को आर्थिक दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और इसे समुद्री डकैती करार दिया। यूएई ने ईरान से हमले रोकने और होर्मुज को पूरी तरह तथा बिना किसी शर्त के खोलने की मांग की।
ईरान का जवाब
ईरान ने केशम द्वीप के तट पर तेल प्रदूषण के लिए विदेशी सैन्य आक्रामकता को जिम्मेदार ठहराया। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों की सैन्य कार्रवाई की ओर इशारा करते हुए कहा कि तेल रिसाव भी सैन्य गतिविधियों का परिणाम है।


