DA Image
14 जनवरी, 2021|4:00|IST

अगली स्टोरी

डोनाल्ड ट्रंप दो बार महाभियोग का सामना करने वाले अमेरिका के पहले राष्ट्रपति बने, प्रतिनिधि सभा में बहुमत से प्रस्ताव पास

donald trump   reuters file photo

1 / 2Donald Trump. (Reuters File Photo)

us house of representatives

2 / 2US House of Representatives

PreviousNext

अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के दबदबे वाली प्रतिनिधि सभा ने बुधवार देर रात अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के महाभियोग प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी। प्रतिनिधि सभा में ट्रंप के महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान के दौरान पक्ष में 232 (डेमोक्रेट्स 222 + रिपब्लिकन 10) और विपक्ष में 197 वोट पड़े। मतदान के साथ ही ट्रंप अमेरिकी इतिहास में पहले ऐसे राष्ट्रपति बन गए, जिनके खिलाफ दो बार महाभियोग चलाया गया है। कैपिटल हिंसा मामले में ट्रंप के खिलाफ यह महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था।

समर्थकों को राजद्रोह के लिए उकसाने का आरोप
डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव सांसद जैमी रस्किन, डेविड सिसिलिने और टेड लियू ने तैयार किया था। प्रतिनिधि सभा के 211 सदस्यों ने इसे सह-प्रायोजित किया। प्रस्ताव में निवर्तमान राष्ट्रपति पर समर्थकों को राजद्रोह के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि ट्रंप ने अपने समर्थकों को कैपिटल बिल्डिंग (संसद परिसर) की घेराबंदी के लिए तब उकसाया, जब वहां इलेक्टोरल कॉलेज के मतों की गिनती चल रही थी और लोगों के धावा बोलने की वजह से यह प्रक्रिया बाधित हुई। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी समेत पांच लोगों की मौत हो गई।

अब सीनेट में पेश किया जाएगा प्रस्ताव
प्रतिनिधि सभा में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद अब सबकी नजरें सीनेट पर हैं। अगर यहां भी प्रस्ताव पास हो जाता है, तो डोनाल्ड ट्रंप को तय समय से पहले ही राष्ट्रपति का पद छोड़ना होगा। लेकिन सीनेट में रिपब्लिकन नेताओं के पास 50 के मुकाबले 51 का मामूली अंतर से बहुमत है। सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव पारित करने के लिए दो तिहाई सदस्यों के मतों की आवश्यकता होती है।

2019 में सीनेट ने बचाई थी डोनाल्ड ट्रंप की कुर्सी
प्रतिनिधि सभा ने 18 दिसंबर, 2019 को भी डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के आरोप को पारित किया था, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाले सीनेट ने फरवरी 2020 में उन्हें आरोपों से बरी कर दिया था। उस दौरान आरोप लगाए गए थे कि ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति पर दबाव डाला कि वे जो बाइडन और उनके बेटे के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के दावों की जांच करवाए।

सोशल मीडिया पर बैन और महाभियोग को लेकर भड़के डोनाल्ड ट्रंप
दूसरी ओर, कैपिटल हिल पर हुए हमले के बाद तमाम सोशल मीडिया मंचों द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के बाद अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पहले कभी इतनी खतरे में नहीं थी। उन्होंने कहा, "मुझे 25वें संशोधन से ज़रा सा भी खतरा नहीं है, लेकिन नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके प्रशासन के लिए यह आगे खतरा जरूर बन सकता है।" उन्होंने कहा, ''देश के इतिहास में जानबूझकर किसी (ट्रंप) को परेशान करने के सबसे निंदनीय कृत्य को आगे बढ़ाते हुए महाभियोग का इस्तेमाल किया जा रहा है और इससे काफी गुस्से एवं विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसका दर्द इतना अधिक है कि कुछ लोग इसे समझ भी नहीं सकते, जो कि खासकर इस नाजुक समय में अमेरिका के लिए बेहद खतरनाक है।"

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Donald Trump Impeachment Bill Pass By US House of Representatives