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30 मार्च, 2021|2:40|IST

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महाभियोग मामले में डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी जीत, कैपिटल हिल हिंसा के लिए लोगों को भड़काने के आरोप से हुए बरी

donald trump holds 1st rally since contracting coronavirus

अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप महाभियोग मामले में एक बार फिर से बरी हो गए हैं। अमेरिकी सीनेट ने 6 जनवरी को कैपिटल हिल में हिंसा भड़काने के आरोप में डोनाल्ड ट्रंप को बरी कर दिया है। चार दिन के महाभियोग ट्रायल के बाद पांचवें दिन वोटिंग हुई और इस दौरान 57 सीनेटरों ने डोनाल्ड ट्रंप को दोषी पाया जबकि 43 सीनेटरों ने उन्हें दोषी नहीं पाया। 100 सदस्यों वाले सीनेट में ट्रंप को दोषी करार देने के लिए सीनेट को जरूरी दो तिहाई बहुमत यानी 67 वोटों की जरूरत थी, जो नहीं मिल सका। इसी दस वोटों की कमी की वजह से डोनाल्ड ट्रंप बरी कर दिए गए। 

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के इतिहास में ऐसे पहले राष्ट्रपति रह चुके हैं जिन्होंने दो बार महाभियोग का सामना किया। इतना ही नहीं, वह पद से हटने के बाद महाभियोग ट्रायल का सामना करने वाले भी अमेरिका के पहले राष्ट्रपति का तमगा हासिल कर चुके हैं। बिल कैसिडी, रिचर्ड बर्र, मिट रोमनी और सुसान कोलिन्स सहित सात रिपब्लिकन सीनेटरों ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने के पक्ष में मतदान किया।

बरी होने के तुरंत बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपना बयान जारी किया और सबसे पहले अपने लीगल टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा 'अमेरिका का कोई भी राष्ट्रपति कभी भी इस तरह से नहीं गुजरा है'। बता दें कि 6 जनवरी को हुई कैपिटल हिल हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई थी और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगे थे कि उन्होंने ही अपने समर्थकों को उकसाया था, जिसके बाद कैपिटल हिल पर हमला हुआ था और लोगों की जानें गई थीं। 

2019 में सीनेट ने बचाई थी डोनाल्ड ट्रंप की कुर्सी
प्रतिनिधि सभा ने 18 दिसंबर, 2019 को भी डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के आरोप को पारित किया था, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाले सीनेट ने फरवरी 2020 में उन्हें आरोपों से बरी कर दिया था। उस दौरान आरोप लगाए गए थे कि ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति पर दबाव डाला कि वे जो बाइडन और उनके बेटे के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के दावों की जांच करवाए।

कैसे होता है महाभियोग ट्रायल?

अमेरिकी संविधान कहता है कि सदन के पास महाभियोग की एकमात्र शक्ति है, जबकि सीनेट के पास उस व्यक्ति के ट्रायल की एकमात्र शक्ति होता है। जिस व्यक्ति पर महाभियोग चलाया जाता है, वह राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति या संयुक्त राज्य अमेरिका का कोई भी सिविल अधिकारी हो सकता है, जिसे दो-तिहाई सीनेटरों के बहुमत से दोषी ठहराया जा सकता है। हाउस अभियोजन पक्ष के रूप में प्रबंधकों को नियुक्त करता है जो सीनेट के सामने प्रतिवादी के वकीलों के साथ उनका मामला प्रस्तुत करता है। अभियोजकों और ट्रम्प की डिफेंस टीम के पास तर्क करने के लिए एक निर्धारित समय होगा और फिर सीनेटर एक अंतिम वोट से पहले लिखित रूप से कुछ सवाल भी पूछ सकते हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका के मुख्य न्यायाधीश आम तौर पर एक राष्ट्रपति के ट्रायल की अध्यक्षता करते हैं, लेकिन क्योंकि ट्रम्प ने पद छोड़ दिया है। ऐसे में पीठासीन अधिकारी सेन पैट्रिक लीहाइ इस भूमिका में होंगे, जो लंबे समय तक बहुमत दल के सदस्य सीनेट के औपचारिक प्रमुख हैं। एक बार जब सीनेटर महाभियोग के आरोप पर अपने अंतिम मत पर पहुंच जाते हैं, तो हर एक सीनेटर खड़े होकर और इस मामले पर अपना वोट डालता है। ट्रंप के मामले में भी सीनेटर बताएंगे कि वह उन्हें दोषी मानते हैं या नहीं।

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  • Web Title:Donald Trump acquitted by the US Senate in his impeachment trial over January 6 Capitol violence