ईरान पर ट्रंप की कूटनीति से खाड़ी देशों में अंसतोष : रिपोर्ट
ईरान के साथ संघर्ष विराम और शांति समझौते को लेकर खाड़ी देशों में अमेरिका के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। ट्रंप की कूटनीतिक प्रयासों से क्षेत्रीय सहयोगियों में निराशा है। हालाँकि, व्हाइट हाउस ने इन दावों को खारिज किया है। खाड़ी देशों में ईरान से निपटने के तरीके को लेकर मतभेद भी सामने आए हैं।

वॉशिंगटन, एजेंसी। ईरान के साथ संघर्ष विराम और शांति समझौते की कोशिशों को लेकर खाड़ी देशों में अमेरिका के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। क्षेत्रीय सहयोगी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के साथ जारी कूटनीतिक प्रयास से निराश हैं और उनके रुख को लेकर संशय में हैं। 'द वॉशिंगटन पोस्ट' की एक रिपोर्ट के अनुसार अरब और पश्चिमी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका के खाड़ी सहयोगियों को अब इस बात पर संदेह बढ़ रहा है कि ट्रंप ईरान के साथ शांति समझौता कराने के लिए जरूरी जटिल कूटनीति को प्रभावी ढंग से संभाल पाएंगे। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इन दावों को खारिज किया है। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप के सभी खाड़ी साझेदारों के साथ असाधारण संबंध हैं। संघर्ष शुरू होने के बाद से अमेरिका क्षेत्रीय सहयोगियों के लगातार संपर्क में है। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार होर्मुज को लेकर जारी तनाव के बीच ट्रंप ने पिछले सप्ताह कहा था कि अमेरिका ईरान के प्रति फिलहाल कम आक्रामक रुख अपना रहा है। नए सैन्य अभियान की तैयारी नहीं कर रहा है।
खाड़ी देशों में ईरान को लेकर मतभेद
'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के अनुसार खाड़ी देशों के बीच ईरान से निपटने के तरीके को लेकर मतभेद भी सामने आए हैं। वरिष्ठ क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात ने ट्रंप से तेहरान के खिलाफ निर्णायक सैन्य कार्रवाई करने का आग्रह किया। इन अधिकारियों का तर्क था कि ईरान का इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) तब तक रियायत नहीं देगा, जब तक अमेरिका सैन्य दबाव नहीं बढ़ाता। इसके विपरीत, सऊदी अरब लगातार तनाव कम करने की वकालत करता रहा है।


