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11 सितम्बर, 2020|6:24|IST

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डायनासोर से इंसानों तक पहुंची कैंसर? जानें नए शोध में क्या हैं हैरान करने वाले खुलासे

Dinosaur study

पहली बार शोध में यह बात साबित हुई है कि डायनासोर को भी कैंसर जैसी घातक बीमारी होती थी। साल 1989 में कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में डायनासोर के जीवाश्म के तौर पर पैर की एक हड्डी मिली थी। 7.6 करोड़ साल पुराने डायनासोर कीइस हड्डी में मौजूद विकार को पहलेफ्रैक्चर समझा जा रहा था। लेकिन, शोधकर्ताओं के अनुसार, उसमें मेलिगनेंट कैंसर की पुष्टि हुई है। लैंसेट ऑन्कोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, शाकाहारी डायनासोर की हड्डी में जो विकृति नजर आ रही थी वो ओस्टियोसारकोमा के कारण हुई थी। ऑस्टियोसारकोमा हड्डी का एडवांस कैंसर होता है।

हड्डी में मिला ट्यूमर
टोरंटो स्थित रॉयल ओंटेरियो म्यूजियम के जीवाश्म विज्ञानी डेविड इवांस के मुताबिक, डायनासोर की यह हड्डी 6 मीटर लंबी है जो क्रेटेशियस काल की है। उस समय चार पैर वाले शाकाहारी डायनासोर हुआ करते थे। डायनासोर की यह जो हड्डी मिली है,वो उसके पिछले पैर की है। इस हड्डी में सेब के आकार से भी बड़ा कैंसर का ट्यूमर मिला है, जो एडवांस स्टेज का है।

इंसानों की तरह हुई कई बीमारियां
लैंसेट ऑन्कोलॉजी जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक,7.6 करोड़ साल पुराना यह डायनासोर मौत से पहले कैंसर की वजह से काफी कमजोर हो गया होगा। शोध में यह भी बात सामने आई है कि डायनासोर को भी ऐसी बीमारियों हुई होंगी, जो आमतौर पर इंसानों और दूसरे जानवरों को होती हैं। शोधकर्ताओं ने कहा है कि डायनासोर भी धरती पर अन्य जानवरों की तरह रहते थे और इन्होंने भी हादसों और बीमारियों को झेला है। 

जानवरों को कैंसर होना नई बात नहीं
ऑन्टेरिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता डॉक्टर मार्क क्राउथर के अनुसार, ऐसे कई ट्यूमर नरम ऊतकों में होते हैं। इसलिए जीवाश्म से हमें कैंसर के प्रमाण मिले हैं। शोध में आए नतीजों में इस बात की पुष्टि की गई है कि कैंसर कोई नई बीमारी नहीं है, इससे जुड़ी जटिलताएं जानवरों में भी पाई जाती रही हैं।

क्या होता है ऑस्टेरियोसारकोमा
ऑस्टेरियोसारकोमा हड्डियों में होने वाला एक तरह का कैंसर है, जो आमतौर पर बच्चों और युवाओं में होता है। लेकिन, हाल ही में हुए इस शोध से ऐसा लगता है कि डायनासोर में भी इसका खतरा ज्यादा था। इस कैंसर का ट्यूमर हड्डीको तेजी से नुकसान पहुंचाता है और दूसरे ऊतकों तक पहुंच जाता है। 

सीटी स्कैन में हुई पुष्टि
जीवाश्म विज्ञानी डेविड इवांस के अनुसार, हड्डी में जो ट्यूमर था उसे स्पष्ट क्षमता वाले सीटी स्कैन से जांचा गया। जांच में यह बात सामने आई है कि कैंसर का ट्यूमर हड्डी से लिपट गया था। हालांकि, डायनासोर की मौत भले ही कैंसर से न हुई हो लेकिन उसके चलने-फिरने की क्षमता पर जरूर इसका असर पड़ा होगा। 

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  • Web Title:Dinosaur diagnosed with bone cancer study reveals