खेल : पडिक्कल का लगातार दूसरा शतकीय प्रहार
शून्य और एक रन पर मिले जीवनदान का देवदत्त पडिक्कल ने रविवार को बखूबी फायदा उठाया। 117 रन की पारी से भारत ने दूसरे टेस्ट में पांच विकेट पर 300 रन बनाकर श्रीलंका पर शिकंजा कस दिया। पडिक्कल ने कप्तान शुभमन गिल के साथ 120 और जडेजा के साथ 74 रन की साझेदारी निभाई।

कोलंबो, एजेंसी। शून्य और एक रन पर मिले जीवनदान का देवदत्त पडिक्कल ने रविवार को बखूबी फायदा उठाया। इसके बाद उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और लगातार दूसरा शतक जड़ दिया। उनकी 117 रन की पारी से भारत ने दूसरे टेस्ट में पांच विकेट पर 300 रन बनाकर श्रीलंका पर शिकंजा कस दिया है। पडिक्कल ने कप्तान शुभमन गिल (50) के साथ तीसरे विकेट के लिए 120 और जडेजा (43) के साथ चौथे विकेट के लिए 74 रन की साझेदारी निभाई। यशस्वी ने 45 रन का योगदान दिया। पहले दिन का खेल खत्म होने पर ध्रुव जुरेल सात और पदार्पण करने वाले सारांश जैन चार रन बनाकर क्रीज पर हैं। सारांश ने फर्नांडो पर चौके साथ अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की।
सतर्क शुरुआत
टीम को राहुल और यशस्वी ने सतर्क शुरुआत दिलाई। यशस्वी ने शानदार बल्लेबाजी की और इस दौरान कट शॉट खेलने से परहेज किया जो अतीत में कई बार उनके लिए परेशानी का सबब बना है। उन्होंने जयसूर्या की गेंद पर बेहतरीन कवर ड्राइव खेला। राहुल ने जयसूर्या की गेंद पर उनके सिर के ऊपर से छक्का लगाया। कुमारा की गेंद पर स्क्वायर कट खेलने की कोशिश में राहुल ने डिकवेला को कैच थमा दिया। यशस्वी भी कुछ देर बाद फर्नांडो की अंदर आती शानदार गेंद पर बोल्ड हो गए।
पडिक्कल का आकर्षक पुल शॉट
पडिक्कल की शुरुआत सहज नहीं रही थी। जब उन्होंने खाता भी नहीं खोला था तब कुमारा की गेंद पर सोनल प्वाइंट पर उनका कैच लपकने में नाकाम रहे। एक रन के निजी स्कोर पर धनंजय ने नुवंथा की गेंद पर बैकवर्ड प्वाइंट पर उनका आसान कैच टपका दिया। लय में आने के बाद उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ कुछ आकर्षक शॉट खेले। कुमारा की गेंद पर लगाया गया उनका जोरदार पुल शॉट पारी के आकर्षण में से एक रहा। इसी शॉट के साथ उन्होंने 90 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया।
गिल ने भी खोले हाथ
गिल ने भी बेहद आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। बाएं हाथ के स्पिनर जयसूर्या की गेंद पर उनका शॉर्ट आर्म पुल दर्शनीय रहा। वह हालांकि चाय से ठीक पहले एकाग्रता गंवा बैठे और फर्नांडो की गेंद पर विकेटकीपर निरोशन डिकवेला को कैच दे बैठे।
पंत को लगी चोट
भारत को चाय के बाद एक और झटका लगा जब तेज गेंदबाज कुमारा की शॉर्ट गेंद को पुल करने की कोशिश में पंत बाएं हाथ की कलाई पर चोट लगा बैठे। उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौटना पड़ा। चोट लगने के बाद पंत दर्द से कराहते दिखाई दिए। भारतीय टीम के फिजियोथेरेपिस्ट ने मैदान पर आकर उनका उपचार किया।
जडेजा का स्पिनरों पर प्रहार
क्रीज पर उतरे जडेजा ने स्पिनरों नुवंथा और धनंजय पर चौके जड़े। उन्होंने जयसूर्या और मिशारा पर भी चौके मारे। पडिक्कल ने जयसूर्या पर लगातार दो चौकों और एक रन के साथ 168 गेंद में लगातार दूसरा शतक पूरा किया। उन्होंने मिशारा और जयसूर्या पर भी चौके मारे पर फिर नुवंथा की गेंद को चूककर बोल्ड हो गए। जडेजा दिन के अंतिम 85वें ओवर में फर्नांडो की तेजी से अंदर आती गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने शॉट नहीं खेलने का फैसला करते हुए बल्ला हवा में उठाया दिया लेकिन गेंद काफी मूव करती हुई विकेटों से टकरा गई।
सरांश 320वें टेस्ट खिलाड़ी
33 वर्षीय सरांश जैन टेस्ट खेलने वाले 320वें भारतीय खिलाड़ी बने। मध्य प्रदेश के सारांश को अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने कैप सौंपी। उन्हें कुलदीप की जगह अंतिम एकादश में मौका दिया गया। ---------------------
पुजारा के बाद पडिक्कल
पडिक्कल पिछले सात साल में तीसरे नंबर पर खेलते हुए विदेश में लगातार दो शतक जड़ने वाले पहले जबकि चेतेश्वर पुजारा के बाद दूसरे खिलाड़ी हैं। इससे पहले पुजारा ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 2018-19 में मलेबर्न में 106 रन बनाने के बाद सिडनी में 193 रन की पारी खेली थी।
सातवें भारतीय
पडिक्कल श्रीलंका में एक टेस्ट सीरीज में दो शतक लगाने वाले सातवें भारतीय बन गए। वह विनोद कांबली, अजहरुद्दीन, सचिन, सहवाग, धवन और पुजारा के क्लब में शामिल हो गए।
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गिल चौथे सबसे युवा तीन हजारी
गिल (26 साल 249 दिन) टेस्ट में 3000 रन पूरे करने वाले चौथे सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी बन गए। उन्होंने 43वें टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की। इसके लिए उन्हें सात रन की दरकार थी। सचिन तेंदुलकर (23 साल 228 दिन), वीरेंद्र सहवाग (26 साल 157 दिन) और दलीप वेंगसरकर (26 साल 263 दिन) ने ही उनसे कम उम्र में ऐसा किया है।
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यशस्वी-फर्नांडो में नोकझोंक
यशस्वी और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथ फर्नांडो में तीखी नोकझोंक हुई। यशस्वी ने 17वें ओवर में फर्नांडो को तीन चौके जड़े हालांकि अंतिम गेंद पर फर्नांडो ने उनकी गिल्लियां बिखेर दी और आक्रामक अंदाज में पवेलियन लौटने का इशारा किया। यशस्वी ने फर्नांडो के जश्न पर प्रतिक्रिया दी और दोनों में जुबानी जंग शुरू हो गई। दोनों एक-दूसरे के नजदीक पहुंच गए और बॉडी कॉन्टैक्ट हुआ। तनाव बढ़ता देकर श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बीच-बचाव कर दोनों को शांत करवाया।
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नंबर गेम
-117 रन की पारी खेली देवदत्त ने 193 गेंदों में 12 चौकों की मदद से
-120 रन की साझेदारी पडिक्कल ने गिल के साथ तीसरे विकेट के लिए निभाई
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