सुथार-प्रसिद्ध के प्रहार से मुश्किल में श्रीलंका

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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श्रीलंका और भारत के बीच दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन, भारतीय गेंदबाजों ने 8 विकेट पर 265 रन दिए। सोनल दिनुशा (नाबाद 85) ने निरंतर संघर्ष किया। मेजबान टीम को फॉलोऑन बचाने के लिए 39 रन और चाहिए थे, जबकि भारतीय गेंदबाजों ने 503 रन के जवाब में 238 रन पीछे रखा।

सुथार-प्रसिद्ध के प्रहार से मुश्किल में श्रीलंका

शोल्डर.... मेजबानों को फॉलोऑन बचाने के लिए 39 रन चाहिए और दो विकेट हाथ में, मानव और प्रसिद्ध ने तीन-तीन विकेट लिए, सोनल-पासिंदु के अर्धशतक कोलंबो, एजेंसी। तेज गेंदबाजों के ‘तीखे बाउंसर’, ऑफ-स्टंप के बाहर सीम मूवमेंट और स्पिनर्स की ‘ड्रिफ्ट व टर्न’ के बीच भारतीय आक्रमण ने दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन मंगलवार को अपना शिकंजा कस लिया। हालांकि, सोनल दिनुशा (नाबाद 85) की ‘ब्लॉक एंड डिफेंस’ रणनीति के चलते श्रीलंका संघर्ष में बना हुआ है। मेजबान टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक 8 विकेट पर 265 रन बना लिए हैं। फॉलोऑन टालने के लिए उसे अभी 39 रन चाहिए।

खराब रोशनी की बाधा

खराब रोशनी के कारण खेल निर्धारित समय से करीब एक घंटा पहले रोक दिया गया। भारत के 503/9 (घोषित) के विशाल स्कोर के जवाब में मेजबान टीम अभी भी 238 रन पीछे है। हालांकि सोनल दिनुशा 85 रन बनाकर क्रीज पर जमे हैं और लगातार दूसरे टेस्ट मैच में शतक के करीब हैं। इससे पहले सुबह 8/2 से आगे खेलने उतरी श्रीलंकाई टीम को प्रसिद्ध कृष्णा (3/47) ने शुरुआत में ही झटका दिया। प्रसिद्ध ने ‘शॉर्ट ऑफ लेंथ’ से अतिरिक्त उछाल हासिल करते हुए कामिल मिशारा (19) को विकेटकीपर ध्रुव जुरेल के हाथों कैच कराया।

श्रीलंकाई बल्लेबाजों की जुझारू पारी

इसके बाद अपना दूसरा टेस्ट खेल रहे पासिंदु सूरियाबंडारा (80) और कामिंदु मेंडिस (32) ने लगभग दो घंटे तक भारतीय गेंदबाजों को तरसाया। दोनों ने स्पिनर्स के खिलाफ फ्रंटफुट का दायरा सीमित रखते हुए बैकफुट पर जाकर क्रीज की गहराई का इस्तेमाल किया और चौथे विकेट के लिए 87 रन जोड़े। मेंडिस ने मानव सुथार पर मिड-विकेट के ऊपर छक्का भी जड़ा, लेकिन लंच से ठीक पहले प्रसिद्ध की एक तेज डिलीवरी को मिड-विकेट पर खड़े रवींद्र जडेजा के हाथों में मार बैठे।

लंच के बाद का खेल और दिनुशा का प्रदर्शन

लंच के बाद बारिश से प्रभावित सत्र में मानव सुथार (3/83) ने फ्लाइटेड गेंद पर धनंजय डी सिल्वा को बाहर की तरफ टर्न कराकर पहली स्लिप में केएल राहुल के हाथों कैच कराया। वहीं रवींद्र जडेजा (1/45) ने अपनी ‘आर्म-बॉल’ के जाल में सूरियाबंडारा को छकाकर क्लीन बोल्ड कर दिया। इसके तुरंत बाद मोहम्मद सिराज ने लेग-स्टंप पर आर्म बॉल डालकर निरोशन डिकवेला (0) को बिना खाता खोले पवेलियन की राह दिखाई। 173 रन तक सात विकेट गिर गए जिसके बाद लगा कि श्रीलंकाई पारी जल्द ही सिमट जाएगी।

दिनुशा का तकनीकी कौशल

मगर निचले क्रम पर सोनल दिनुशा ने एक बार फिर अपने तकनीकी कौशल का परिचय दिया। भारतीय गेंदबाजों ने उनके खिलाफ शॉर्ट पिच गेंदबाजी और बॉडी लाइन आक्रमण आजमाया, लेकिन उन्होंने बेहद संयम से ‘फ्रंटफुट लीव’ और ‘सॉफ्ट-हैंड डिफेंस’ का मुजाहिरा पेश किया। दिनुशा ने पहले केशारा नुवांता (18) के साथ आठवें विकेट के लिए 57 रन जोड़े और फिर लाहिरू कुमारा (8*) के साथ नौवें विकेट के लिए 35 रनों की अटूट साझेदारी कर भारतीय गेंदबाजों को निचले क्रम को समेटने के लिए तरसा दिया।

जुरेल की चोट

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जुरेल के हेलमेट पर बॉल लगी

ध्रुव जुरेल को 41वें ओवर में चोट लग गई। मानव सुथार की गेंद पर पासिंदु सूरियाबंडारा ने स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन चूक गए। गेंद ने अतिरिक्त उछाल लिया और जुरेल के हेलमेट की ग्रिल पर जा लगी। फिजियो तुरंत मैदान पर पहुंचे और उनका कन्कशन टेस्ट किया गया। हालांकि, जुरेल फिट नजर आए और खेल जारी रखा।

पंत की विकेटकीपिंग

पंत ने नहीं की विकेटकीपिंग

भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने बताया कि पंत के दाएं कंधे पर चोट लगी है। फिजियो उनकी देखरेख कर रहे हैं। उनके कंधे में दर्द था, इसलिए मैंने विकेटकीपिंग की। उम्मीद है कि वह कल फिट होंगे।

दिनुशा का संघर्ष

दिनुशा का संघर्ष

श्रीलंका का ऊपरी क्रम नाकाम होने के बाद एक बार फिर सोनल दिनुशा टीम के खेवनहार बने हुए हैं। उन्होंने 201 मिनट बल्लेबाजी की। वह दो टेस्ट में लगातार दूसरे शतक के करीब हैं और लगातार तीसरी बार 50 का स्कोर बना चुके हैं।

अंतिम सत्र की निराशा

अंतिम सत्र में गेंदबाजों को निराशा

भारतीय गेंदबाजों के लिए अंतिम सत्र काफी निराशाजनक रहा। उन्होंने इस दौरान 38 ओवर फेंके और सिर्फ एक विकेट ले सके। पुछल्ले बल्लेबाजों ने उनके पसीने छुड़ा दिए।

नवीनतम प्रश्न

✦श्रीलंका को फॉलोऑन बचाने के लिए कितने रन चाहिए थे?−
श्रीलंका को फॉलोऑन बचाने के लिए 39 रन चाहिए थे।
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