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कोरोना के पैदा होने को लेकर अब US से होंगे सवाल, चतुर चीन ने चला यह दांव

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Nootan Vaindel
Thu, 17 Jun 2021 09:10 AM
कोरोना के पैदा होने को लेकर अब US से होंगे सवाल, चतुर चीन ने चला यह दांव

कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर हो रही बहस ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। अभी तक आई रिपोर्टों और अध्यनों में यह दावा किया गया कि वायरस चीन की वुहान लैब में जन्मा था लेकिन अब चीन ने अमेरिका को सवालों के घेरे में डालते हुए कहा कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर अमेरिका से सवाल किए जाने चाहिए। चीने के एक वरिष्ठ रोग विशेषज्ञ ने कहा है कि कोरोना की उत्पत्ति की जांच के मामले में अब अमेरिका के साथ पूछताछ होनी चाहिए। गुरुवार को चीनी मीडिया ने कहा कि एक रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका में शुरुआती दिसंबर 2019 में ही कोरोना वायरस फैल गया था।

यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ (एनआईएच) द्वारा इस सप्ताह छपे अध्ययन से पता चला है कि कोरोना के पहले मामले की सूचना मिलने से हफ्तों पहले अमेरिका के पांच अलग-अलग राज्यों में कम से कम सात लोग कोरोना वायरस से संक्रमित थे।

चाइनीज सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुख्य महामारी विज्ञानी ज़ेंग गुआंग ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर चल रही जांच का ध्यान अब अमेरिका की तरफ स्थानांतरित होना चाहिए। उन्होंने कहा, "बायो-वेपेन से संबंधित जो भी सबजेक्ट देश के पास है उन सभी की जांच होनी चाहिए।"

बता दें कि कोरोना महामारी की उत्पत्ति को लेकर चीन और अमेरिका के बीच राजनीतिक तनाव चलता आ रहा है। अमेरिका यह दावा करता आ रहा है कि इस वायरस की उत्पत्ति चीन में हुई और चीन ही इसके दुनियाभर में फैलने का कारण है। कोरोना महामारी की शुरुआत से ही चीन की वुहान लैब शक के घेरे में है।अमेरिका हमेशा इस बात पर जोर देता रहा है कि इस वायरस का जन्म वुहान की एक लैब में हुआ था जहां 2019 में पहली बार कोरोना के मामले की पचान की गई थी।

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इस महीने की शुरुआत में बताया कि अमेरिकी सरकार की राष्ट्रीय प्रयोगशाला की एक रिपोर्ट ने निष्कर्ष निकाला है कि यह संभव है कि वायरस वुहान लैब से लीक हुआ हो।

बुधवार को अध्ययन पर टिप्पणी करते हुए, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि अब यह "साफ" है कि कोविड-19 के प्रकोप के "कई मूल" थे और अब अन्य देशों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ सहयोग करना चाहिए।

पिछले एक अध्ययन में संभावना जताई कि SARS-CoV-2 सितंबर की शुरुआत में यूरोप में फैला है, लेकिन विशेषज्ञों ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि इसकी उत्पत्ति चीन में नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि चीन में जंगलों में कई SARS जैसे कोरोना वायरस पाए गए हैं। 

  

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